गुरुवार, 19 मार्च, 2009 को 03:05 GMT तक के समाचार
भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि चुनाव के दौरान कुछ बड़े नेताओं पर सीमा पार के 'चरमपंथियों का हमला' होने का ख़तरा बढ़ गया है.
ख़ुफ़िया एजेंसियों ने सीमा पर चरमपंथियों के बीच चल रही बातचीत को सुना है जिसमें चुनाव के दौरान कुछ बड़े नेताओं को निशाना बनाने की बात कही जा रही थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने शीर्ष सरकारी सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि इस बीच चरमपंथियों के बीच चुनाव में बाधा डालने के बारे में ज़्यादा बातें हो रही हैं.
एजेंसियों का कहना है कि चरमपंथी बड़े नेताओं पर चुनाव के दौरान इसलिए हमला करना चाहते हैं ताकि वे मीडिया का ध्यान ज़्यादा से ज़्यादा अपनी ओर आकर्षित कर सकें.
एजेंसी ने उन नेताओं के नाम ज़ाहिर नहीं किए हैं जिन पर हमलों का ख़तरा बताया गया है.
ख़ुफ़िया एजेंसियों का कहना है कि एक ओर तो सरकार मुंबई हमलों के दोषी लोगों पर कार्रवाई करने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा रही है लेकिन दूसरी ओर सीमापार भारत पर हमले करने की योजनाएँ कम नहीं हो रही हैं.
उल्लेखनीय है कि भारत में 16 अप्रैल से पाँच चरणों में चुनाव होने जा रहा है.
लोकसभा का चुनाव विश्व का सबसे बड़ा चुनाव होता है.
ख़ुफ़िया एजेंसियों को चिंता है कि चुनाव के दौरान नेता अक्सर भीड़ के बीच होते हैं और जनसंपर्क के बीच अक्सर सुरक्षा चेतावनियों को अनदेखा कर देते हैं.
चुनाव आयोग ने इन चुनावों के लिए 21 लाख सुरक्षाकर्मियों और 40 लाख अन्य अधिकारियों को नियुक्त करने का फ़ैसला किया है.
सुरक्षा का ज़िम्मा राज्य पुलिस के अलावा, केंद्रीय अर्ध सैनिक बल और रेलवे प्रोटेक्शन फ़ोर्स आदि पर होगा.