बुधवार, 18 मार्च, 2009 को 12:04 GMT तक के समाचार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद का कहना है कि 'कांग्रेस की विरासत का रंग फीका पड़ा रहा है और सत्ताधारी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन बिखराव की राह पर अग्रसर है.'
बुधवार को दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी की ज़मीनी हैसियत उनके घटक दलों ने ही बता दी है.
बिहार में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के दो घटक दलों राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और लोकजनशक्ति पार्टी (लोजपा) की तरफ़ से बिहार की कुल 40 लोकसभा सीटों में से केवल तीन सीटें कांग्रसे के लिए छोड़ने पर रविशंकर का कहना था कि 'कांग्रेस पार्टी की ज़मीनी हैसियत यह ही है'.
दूसरी तरफ़ उत्तर प्रदेश में सामजवादी पार्टी की तरफ़ से कुल 80 लोकसभा सीटों में से सिर्फ़ छह सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ने पर भाजपा प्रवक्ता का कहना था कि 'इससे ज़ाहिर होता है कि कांग्रेस का रंग फीका पड़ रहा है'.
'एकता का चोला बिखरा'
उनका कहना था, "यूपीए कभी भी उचित गठबंधन नहीं था और ये स्वार्थी और नकारात्मक विचारधारा वालों का एक समूह मात्र था."
रविशंकर प्रसाद के अनुसार, "यूपीए की एकता का चोला बिखर गया है और अब कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय क्षितिज पर दावेदार नहीं रह गई है."
वहीं उन्होंने भाजपा के नेतृत्व में बने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को एक समझदार और मुद्दों के आधार पर बना गठबंधन बताया. उनका कहा था, "देश विकल्प के तौर पर एनडीए के साथ आएगा."
दूसरी तरफ़ महाराष्ट्र का ज़िक्र करते हुए उनका कहना था कि वहाँ भी कांग्रेस के नेतृत्व को चुनौती मिल रही है.
रविशंकर ने कांग्रसे से ये भी सवाल किया कि प्रधानमंत्री पद के लिए यूपीए की तरफ़ से उम्मीदवार कौन होगा. उन्होंने व्यंगात्मक लहजे में कहा कि 'कांग्रेस की हैसियत मालूम है.'
मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री पद के दावे पर उनका कहना था, "उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव और बिहार में लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान....मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को भलिभांति चुनौती मिल चुकी है."