शनिवार, 14 मार्च, 2009 को 12:44 GMT तक के समाचार
श्रीलंका की रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सेना और एलटीटीई के बीच ताज़ा लड़ाई में 18 तमिल विद्रोही मारे गए हैं.
सेना पूर्वोत्तर श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों के आख़िरी गढ़ को भी क़ब्ज़े में करने की कोशिश कर रही है.
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि मुलईतिवू ज़िले में लड़ाई के दौरान 18 विद्रोही मारे गए. लेकिन सेना ने इस संघर्ष के दौरान क़रीब 60 आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का भी दावा किया है.
अभी तक एलटीटीई की ओर से कोई बयान नहीं आया है. लड़ाई के दौरान बड़ी संख्या में आम नागरिकों के मारे जाने को लेकर श्रीलंका की सरकार पर काफ़ी दबाव है.
नाराज़गी
इस बीच श्रीलंका की सरकार ने आम नागरिकों के मारे जाने पर संयुक्त राष्ट्र के आरोपों को सिरे से नकार दिया है. शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र ने यह आरोप लगाया था कि लड़ाई के दौरान श्रीलंका के सैनिकों ने 2800 से ज़्यादा आम नागरिक को मार दिया है.
लेकिन श्रीलंका की सरकार ने इसे आधारहीन बताया है और कहा है कि एलटीटीई से जुड़े सूत्रों के आधार पर ऐसा कहा जा रहा है.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के उच्चायुक्त नवी पिल्लई ने कहा था कि हो सकता है कि दोनों पक्षों ने युद्ध अपराध किया हो. उन्होंने कहा था कि श्रीलंका के सैनिकों ने उन इलाक़ों पर गोले बरसाए जो युद्ध निषिद्ध क्षेत्र थे और जहाँ हज़ारों की संख्या में आम नागरिक रह रहे थे.
इससे नाराज़ श्रीलंका के आपदा प्रबंधन और मानवाधिकार मंत्री महिंदा समरसिंघे ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "हमें इस पर काफ़ी निराशा है. ये आधारहीन आँकड़े हैं."
श्रीलंका की सेना का कहना है कि वह एलटीटीई के ख़िलाफ़ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है. लेकिन लड़ाई वाले क्षेत्र में अभी भी हज़ारों की संख्या में आम नागरिक फँसे हुए हैं.