बुधवार, 11 मार्च, 2009 को 06:01 GMT तक के समाचार
भारत के विदेश सचिव शिवशंकर मेनन और अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने मुंबई हमलों की जाँच में हुई प्रगति के बारे में चर्चा की है.
इस चर्चा के दौरान दोनों अधिकारियों में इस बात पर सहमति बनी कि मुंबई जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक क़दम उठाए जाने ज़रुरी हैं.
हिलेरी क्लिंटन के विदेश मंत्री बनने के बाद शिवशंकर मेनन की उनसे पहली मुलाक़ात थी.
इस मुलाक़ात से पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पत्रकारों से हुई बातचीत में कहा था कि मुंबई हमलों को लेकर पाकिस्तान की ओर से और क़दम उठाए जाने की ज़रुरत है.
चार दिन की अमरीका यात्रा पर गए शिवशंकर मेनन और हिलेरी क्लिंटन के बीच जलवायु परिवर्तन के विषय में भी चर्चा हुई.
दबाव
शिवशंकर मेनन और हिलेरी क्लिंटन के बीच हुई चर्चा में मुंबई हमले के अलावा श्रीलंका और अफ़ग़ानिस्तान का मसला प्रमुख था.
इस चर्चा के दौरान मुंबई हमले के मुद्दे पर दोनों अधिकारियों ने जाँच में हुई प्रगति के बारे में विचार-विमर्श किया.
लेकिन इससे पहले विदेश विभाग के प्रवक्ता रॉबर्ट वुड स्पष्ट कर चुके थे कि अमरीका चाहता है कि पाकिस्तान और क़दम उठाए.
उन्होंने कहा, "हमारा आकलन है कि पाकिस्तान कुछ उपयोगी जानकारियाँ तो उपलब्ध करवा रहा है लेकिन अभी और बहुत कुछ किया जा सकता है."
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, "हम वो सब कुछ करेंगे जो हमारे अधिकार क्षेत्र में है और मुंबई हमलों के लिए दोषी लोगों को सज़ा दिलाएँगे."
दूसरी ओर अमरीका के दूसरे शीर्ष अधिकारियों के साथ शिवशंकर मेनन की चर्चा में इस बात पर सहमति बनी कि अफ़ग़ानिस्तान में सैन्य कार्रवाई ही समस्या के हल के लिए पर्याप्त नहीं है.
उल्लेखनीय है कि अमरीकी प्रशासन यह मानता है कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति स्थापना में भारत की भूमिका अहम है.