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रविवार, 08 मार्च, 2009 को 12:26 GMT तक के समाचार

उड़ीसा में विश्वास मत 11 मार्च को

उड़ीसा की सरकार में शामिल भाजपा के समर्थन वापस लेने के बाद अल्पमत में आई नवीन पटनायक सरकार से 11 मार्च को बहुमत साबित करने को कहा गया है.

भाजपा के समर्थन वापसी के बाद अपनी सरकार को बचाने के क़दम के तहत बीजू जनता दल प्रमुख और उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक रविवार को राज्यपाल एमसी भंडारे से मिले.

समाचार एजेंसियों के अनुसार उन्होंने दावा किया है कि बहुमत के लिए ज़रूरी 74 विधायकों का समर्थन उन्हें प्राप्त है. विधानसभा की 147 सीटों में से बीजेडी के पास 61 हैं जबकि भाजपा के पास 30 हैं. इस तरह बीजेडी को 13 अन्य विधायकों का समर्थन जुटाना है.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नेता ब्रिंदा कारत ने कहा है कि उनकी पार्टी पटनायक सरकार को समर्थन देगी. सीपीआई और सीपीएम के उड़ीसा विधानसभा में एक-एक विधायक हैं.

सीपीएम ने आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी बीजेडी के साथ गठबंधन बनाने का संकेत दिया है.

कल्पना से परे

उधर गठबंधन टूटने के बाद भाजपा के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि वे कल्पना भी नहीं कर सकते थे कि नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली पार्टी 11 साल पुराने गठबंधन को चुनाव से पहले ही तोड़ देगी.

उन्होंने कहा, "मैं इसे दुर्भाग्य मानता हूँ. हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि बीजेपी-बीजेडी का साथ टूट जाएगा. यह निर्णय बीजेडी का है और हमारे नेता भविष्य में क्या क़दम उठाए जाएं, इस बारे में बैठक कर रहे हैं."

बीजेडी को समर्थन देने की घोषणा करते हुए सीपीआई के नेता डी राजा ने कहा, "यह एक सकारात्मक क़दम है. स्पष्ट है कि एनडीए के सहयोगी दल बीजेपी की सांप्रदायिक राजनीति के प्रति अपने ही अनुभव से सबक ले रहे हैं." राजा ने कहा, "इसकी पूरी संभावना है कि वाम दलों और बीजेडी का यह गठबंधन आने वाले चुनावों में भी सहयोगी रहेगा."

बीजेडी को भरोसा

इस बीच बीजेडी ने कहा है कि उसे पटनायक सरकार को बचाने के लिए पर्याप्त सदस्यों का समर्थन हासिल है.

बीजेडी राज्यसभा सदस्य और पार्टी की रणनीतिक प्रमुख प्यारी मोहन महापात्र ने कहा, "हमारी सरकार को कोई ख़तरा नहीं है क्योंकि 147 सदस्यीय विधानसभा में हमें 74 से भी ज़्यादा विधायकों का समर्थन प्राप्त है."

इससे पहले प्रमुख बीजेडी नेताओं की एक मैराथन बैठक हुई जिसमें जेएमएम, एनसीपी, भाकपा और माकपा जैसे कुछ दूसरे दलों के नेता और कुछ निर्दलीय विधायक भी मौजूद थे.