रविवार, 08 मार्च, 2009 को 14:58 GMT तक के समाचार
पूर्वोत्तर श्रीलंका में सरकारी सेना और एलटीटीई के बीच लड़ाई तेज़ होने की ख़बर है. लड़ाई में आम नागरिकों के मारे जाने की रिपोर्टें भी आ रही हैं.
श्रीलंका की सेना का कहना है कि एलटीटीई के ख़िलाफ़ निर्णायक अभियान शुरू किया है.
एलटीटीई के क़ब्ज़े वाले मुलईतिवू ज़िले में काम कर रहे एक वरिष्ठ सरकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर टी वर्थराजा ने बीबीसी को बताया है कि पिछले दो दिनों में लड़ाई के दौरान कम से कम 15 आम नागरिक मारे गए हैं और 100 से ज़्यादा घायल हैं.
उन्होंने बताया कि नागरिकों के मारे जाने की कुछ घटनाएँ उन इलाक़ों में हुई जिसे सरकार ने सुरक्षित इलाक़ा घोषित किया हुआ है.
सेना ने सुरक्षित इलाक़ों में हमले से इनकार किया है और एलटीटीई विद्रोहियों पर आरोप लगाया है कि वे इन इलाक़ों से गोलीबारी कर रहे हैं.
शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि फिर से शुरू हुई लड़ाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं और घायल हुए हैं.
कार्रवाई
दूसरी ओर सेना ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों के दौरान उसकी कार्रवाई में 100 से ज़्यादा तमिल विद्रोही मारे गए हैं.
दूसरी ओर एलटीटीई समर्थक एक वेबसाइट का दावा है कि विद्रोहियों ने सेना की कार्रवाई को नाकाम कर दिया है और 400 सैनिक मारे गए हैं. हालाँकि दोनों के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है.
पिछले कुछ महीनों से चल रही सैनिक कार्रवाई के कारण एलटीटीई को अपने क़ब्ज़े वाले कई इलाक़ों से हटना पड़ा है और अब वे मुलईतिवू ज़िले के जंगल में सिमट कर रह हए हैं.
सैनिक अधिकारियों का कहना है कि अब उन्होंने आख़िरी और निर्णायक कार्रवाई शुरू की है. सेना ने उम्मीद जताई है कि अगले महीने तक सभी इलाक़े सरकार के नियंत्रण में आ जाएँगे.
इस बीच सरकार ने मानवीय सहायता के लिए अस्थायी संघर्षविराम की मांग को ठुकरा दिया है. सरकार का कहना है कि अगर ऐसा हुआ तो एलटीटीई को फिर से संगठित होने का मौक़ा मिल जाएगा.