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बुधवार, 04 मार्च, 2009 को 14:18 GMT तक के समाचार

अफ़ग़ान राष्ट्रपति का चुनाव अगस्त में ही

अफ़ग़ानिस्तान में चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति हामिद करज़ई की अपील को ठुकराते करते हुए राष्ट्रपति चुनाव 20 अगस्त को ही कराने की घोषणा की है.

हामिद करज़ई ने चुनाव आयोग से अपील की थी कि अप्रैल महीने में चुनाव कराए जाएं.

चुनाव आयोग के प्रमुख का कहना है कि अगस्त से पहले चुनाव कराना संभव नहीं है.

ग़ौरतलब है कि हामिद करज़ई की अपील को उनके विपक्षी दल, नैटो, संयुक्त राष्ट्र और अमरीका भी ख़ारिज कर चुके हैं.

अफ़ग़ानिस्तान के संविधान के मुताबिक़ राष्ट्रपति को ख़ुद चुनाव की तारीखें घोषित करने का अधिकार नहीं है.

संविधान के अनुच्छेद 61 के मुताबिक पाँच वर्ष का कार्यकाल ख़त्म होने के 30 से 60 दिनों पहले नए राष्ट्रपति का चुनाव हो जाना चाहिए.

पिछले दिनों हामिद करज़ई ने 21 अप्रैल तक देश में राष्ट्रपति चुनाव कराने की अपील की थी.

अपील नामंजूर

चुनाव आयोग के प्रमुख अज़ीज़ुल्लाह लुदिन का कहना था, "मौसम, सुरक्षा, बजट और तकनीकी परेशानियों की वजह से राष्ट्रपति की अपील के बावजूद अप्रैल में चुनाव नहीं कराए जा सकते."

लुदिन का कहना है कि अफ़ग़ान और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों से विचार विमर्श के बाद ही अगस्त में चुनाव कराने का फ़ैसले किया गया.

अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का भी कहना है कि सुरक्षा, ख़राब मौसम और साज़ो सामान की कमी के कारण इतनी जल्दी चुनाव कराने में मुश्किल होगी.

अमरीका और दूसरे अंतरराष्ट्रीय बिरादरियों ने अगस्त में चुनाव कराने के आयोग के फ़ैसले का समर्थन किया है.

संवाददाताओं का कहना है कि अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा ने 17 हज़ार अतिरिक्त सैनिक भेजने का वादा किया है लेकिन इन सैनिकों के वहाँ पहुँचने में समय लगेगा.

वर्ष 2001 से अफ़ग़ानिस्तान लगातार तालेबान के विस्फोट और आत्मघाती हमलों से जूझ रहा.

वर्ष 2001 में अमरीकी नेतृत्व वाले सेना ने तालेबान को अफ़ग़निस्तान के सत्ता से अपदस्थ कर दिया था.