रविवार, 01 मार्च, 2009 को 15:35 GMT तक के समाचार
राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) पार्टी के अध्यक्ष और भारत सरकार में कृषी मंत्री शरद पवार का कहना है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में कुल सीटों का 50 प्रतिशत उनकी पार्टी के लिए छोड़ना होगा.
पवार का ये भी कहना था कि मुख्यमंत्री के पद में बारी-बारी इसे साझा करना होगा.
शरद पवार ने ये बात ऐसे समय पर कही है जब सोमवार को एनसीपी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे के सिलसिले में बातचीत तय है.
रविवार को नासिक में पार्टी के राज्य स्तरीय अधिवेसन को संबोधित करते हुए पवार ने कहा, "मैं अकेले चुनाव नहीं लड़ना चाहता. लेकिन कांग्रेस एक बड़ी पार्टी है, इसलिए उसे पहले इस सिलसिले में क़दम उठाना चाहिए."
आख़िरी फ़ैसला नहीं
पवार का कहना था, "मैंने विभिन्न पार्टीयों से बात की है लेकिन अभी तक कोई आख़िरी फ़ैसला नहीं किया गया है. अभी मैं संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के साथ जाना चाहता हूँ."
जब इस सिलसिले में बीबीसी संवाददाता मोहनलाल शर्मा ने एनसीपी के महासचिव तारिक़ अनवर से बात की तो उनका कहना था, "हम चाहते हैं कि सम्मानजनक गठबंधन हो और वस्तुस्थिति के अनुसार सीटों का बंटवारा हो."
जब तारिक़ अनवर से महाराष्ट्र की राजनीतिक पार्टी शिवसेना से चुनावी गठजोड़ की बात पूछी गई तो उनका कहना थी, "जबतक शिवसेना भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वय सेवक संघ से ख़ुद को अलग नहीं करती. किसी समझौते पर बात नहीं हो सकती."
ग़ौरतलब है कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दिन नज़दीक आते जा रहें हैं, एनसीपी और कांग्रेस में सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं.
इसी क्रम में कुछ दिनों पहले समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने एनसीपी नेता से बात की थी और कहा था कि उन्हें शरद पवार प्रधानमंत्री के रुप में मंज़ूर होंगे.
महाराष्ट्र में कुल 48 लोगकसभा सीटें हैं. वर्ष 2004 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने जहाँ 27 सीटों पर चुनाव लड़ा था वहीं एनसीपी ने 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.
कांग्रेस ने 13 सीटों पर जीत हासिल की थी तो एनसीपी को नौ सीटों पर विजय मिली थी.