पाकिस्तान में पूर्व चरमपंथी नेता सूफ़ी मोहम्मद ने माँग की है कि अगले दो हफ़्तों में स्वात में इस्लामी अदालत शुरु हो जानी चाहिए.
सूफ़ी मोहम्मद पाकिस्तान सरकार के लिए उन तालेबान चरमपंथियों से बातचीत कर रहे हैं जिनका स्वात घाटी के ज़्यादातर हिस्सों पर नियंत्रण है.
स्वात के शहर मिंगोरा में उन्होंने कहा कि बाक़ी अदालतों में चल रहे सारे क़ानूनी मामलों पर तब तक रोक लगा देनी चाहिए जब तक प्रांत में शरिया क़ानून लागू नहीं हो जाता.
सूफ़ी मोहम्मद का कहना था कि वे अगर 15 मार्च तक की समयसीमा का पालन नहीं किया गया तो वे और उनके समर्थक स्वात में शांतिपूर्वक प्रदर्शन करेंगे.
स्वात में तालेबान ने पाँच दिन पहले अनिश्चितकालीन संघर्षविराम की घोषणा की थी.
प्रशासन और कट्टर धार्मिक नेताओं के बीच हुए समझौता के मुताबिक प्रशासन स्वात घाटी में शरिया क़ानून लागू करेगा.
स्वात घाटी में नवंबर 2007 से सेना और चरमपंथियों के बीच संघर्ष चल रहा था जिसमें अब तक कम से कम 1200 आम नागरिक मारे गए हैं.