अमरीका ने कहा है कि वह चाहता है कि अफ़गानिस्तान में राष्ट्रपति पद के चुनाव अगस्त में हों.
इसके पहले अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा था कि देश में राष्ट्रपति चुनाव अप्रैल के अंत तक हो जाने चाहिए.
अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता रॉबर्ट वुड ने कहा कि अगस्त में चुनाव बेहतर रहेंगे क्योंकि इनमें ये सुनिश्चित किया जा सकेगा कि हर अफ़ग़ान नागरिक स्वतंत्र रूप से और सुरक्षित वोट दे सके.
उनका कहना था कि चुनाव आयोग भी अगस्त तक चुनाव कराने के पक्ष में है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यदि चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति करज़ई की बात मानी तो अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा ने 17 हज़ार अतिरिक्त सैनिक भेजने का जो वादा किया है, वो तब तक अफ़ग़ानिस्तान नहीं पहुँच पाएँगे और सुरक्षा की स्थिति बेहतर नहीं हो पाएगी.
दरअसल हामिद करज़ई का कार्यकाल 21 मई को ख़त्म हो रहा है और आशंका जताई जा रही है कि इससे आगे चुनाव टालने से अफ़ग़ानिस्तान में संवैधानिक संकट खड़ा हो सकता है.
अफ़ग़ानिस्तान के संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति को ख़ुद चुनाव की तारीखें घोषित करने का अधिकार नहीं है.
संविधान के अनुच्छेद 61 के मुताबिक पाँच वर्ष का कार्यकाल ख़त्म होने से 30 से 60 दिनों पहले चुनाव हो जाना चाहिए.
अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का कहना है कि सुरक्षा चिंताओं, ख़राब मौसम और साज़ोसामान की कमी के कारण इतनी जल्दी चुनाव करा पाना मुश्किल होगा.
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक हामिद करज़ई पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वो राष्ट्रपति चुनाव टाल कर अवैध तरीके से अपना शासन आगे बढ़ा रहे हैं.
अब जल्दी चुनाव कराने का बयान देकर उन्होंने गेंद चुनाव आयोग और विरोधियों के पाले में डाल दी है.