शनिवार, 28 फ़रवरी, 2009 को 12:47 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान की सेना का कहना है कि बाजौड़ में तालेबान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ छह महीने चली कार्रवाई सफल रही है. बाजौड़ अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगा इलाक़ा है.
बाजौड़ में एक सैनिक ठिकाने पर पत्रकारों से बातचीत में मेजर जनरल तारिक़ ख़ान ने कहा कि सेना ने यहाँ सक्रिय तालेबान के प्रतिरोध की कमर तोड़ दी है.
मेजर जनरल तारिक़ ख़ान बाजौड़ में सैनिक कार्रवाई में लगे सैनिकों के कमांडर हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सेना अभी बाजौड़ में बनी रहेगी.
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि बाजौड़ में सैनिक कार्रवाई के दौरान 1500 चरमपंथी और क़रीब सौ पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं.
'राहत नहीं'
अमरीका कई बार ये कह चुका है कि ये अर्ध स्वायत्त इलाक़ा विद्रोहियों की शरणस्थली है और यहीं से चरमपंथी अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिकों के ख़िलाफ़ हमले करते हैं.
पत्रकारों से बातचीत में मेजर जनरल तारिक़ ख़ान ने कहा, "हमारा मानना है कि हमने इस इलाक़े को सुरक्षित बना दिया है. वे हार गए हैं. वहाँ उनकी शक्ति ख़त्म हो गई है."
उन्होंने कहा कि कुछ सैनिकों को इलाक़े से हटाया जा सकता है लेकिन ज़्यादातर सैनिक अभी वहाँ बने रहेंगे.
मेजर जनरल तारिक़ ख़ान ने इससे इनकार किया कि स्वात घाटी के तालेबान गुट की तरह इस इलाक़े के चरमपंथी गुट को कोई राहत दी जाएगी. उन्होंने कहा कि स्वात में हुआ समझौता बिल्कुल अलग परिस्थितियों में हुआ है.