शनिवार, 28 फ़रवरी, 2009 को 17:52 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने 21 अप्रैल तक देश में राष्ट्रपति चुनाव कराने की अपील की है.
उनकी यह अपील चुनाव आयोग के प्रस्ताव से मेल नहीं खाती है. आयोग बीस अगस्त तक चुनाव कराने के पक्ष में है.
हामिद करज़ई का कार्यकाल 21 मई को ख़त्म हो रहा है और आशंका जताई जा रही है कि इससे आगे चुनाव टालने से अफ़ग़ानिस्तान में संवैधानिक संकट खड़ा हो सकता है.
अफ़ग़ानिस्तान के संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति को ख़ुद चुनाव की तारीखें घोषित करने का अधिकार नहीं है.
संविधान के अनुच्छेद 61 के मुताबिक पाँच वर्ष का कार्यकाल ख़त्म होने से 30 से 60 दिनों पहले चुनाव हो जाना चाहिए.
अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का कहना है कि सुरक्षा चिंताओं, ख़राब मौसम और साज़ो सामान की कमी के कारण इतनी जल्दी चुनाव करा पाना मुश्किल होगा.
काबुल स्थित बीबीसी संवाददाता के मुताबिक हामिद करज़ई पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वो राष्ट्रपति चुनाव टाल कर अवैध तरीके से अपना शासन आगे बढ़ा रहे हैं.
अब जल्दी चुनाव कराने का बयान देकर उन्होंने गेंद चुनाव आयोग और विरोधियों के पाले में डाल दी है.