पिछले वर्ष 26 नवंबर को हुए चरमपंथी हमलों के मामले में मुंबई पुलिस बुधवार को आरोपपत्र दाखिल करेगी.
मुंबई पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त राकेश मारिया ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इसमें एकमात्र ज़िंदा पकड़े गए चरमपंथी अजमल आमिर कसाब के अलावा क़रीब 20 और चरमपंथियों के ख़िलाफ़ आरोप तय किए जाएंगे.
उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर की रात चरमपंथियों ने मुंबई पर हमला किया था जिसमें 180 से अधिक लोग मारे गए थे.
इस हमले के बाद सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में नौ चरमपंथी मारे गए थे और अजमल आमिर कसाब को ज़िंदा पकड़ लिया था.
सबूत
पुलिस का कहना है कि आरोपपत्र में चरमपंथियों की फ़ोन पर हुई बातचीत, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पूछताछ की रिपोर्ट शामिल होगी.
इसमें कई ऐसे लोगों के नाम भी होंगे जिन्हें गिरफ़्तार नहीं किया जा सका है.
आरोपपत्र के बाद पुलिस इनके ख़िलाफ़ गैर ज़मानती वारंट ले सकेगी और बाद में इंटरपोल रेड कार्नर नोटिस जारी कर सकेगा.
भारत इस मामले में पाकिस्तान पर लगातार दबाव डालता रहा है कि वह संदिग्ध लोगों को भारत को सौंपे लेकिन पाकिस्तान इससे इनकार करता आया है.
हालांकि पाकिस्तान ने ये माना है कि अजमल आमिर कसाब पाकिस्तानी नागरिक है.
महाराष्ट्र सरकार ने इस पूरे मामले की सुनवाई के लिए विशेष अदालत के गठन करने का फ़ैसला किया है.
विशेष जज के रूप में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एमएल तहलियानी की नियुक्ति की गई है जबकि उज्जवल निकम को सरकारी वकील बनाया गया है.