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रविवार, 22 फ़रवरी, 2009 को 05:40 GMT तक के समाचार

मोदी के गुजरात में मुस्लिम डीजीपी

गोधरा दंगों के दौरान गुजरात के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रहे पीसी पांडे का तबादला कर उनकी जगह आईपीएस अधिकारी शब्बीर हुसैन शेख़ादम खांडवावाला को गुजरात का नया डीजीपी बनाया गया है.

राज्य सरकार के भ्रष्टाचार उन्मूलन ब्यूरो में डीजीपी रहे पांडे को हटाने की वजह आगामी लोक सभा चुनाव माने जा रहे हैं. हालांकि सरकार इस फेरबदल को सिर्फ़ एक सरकारी प्रक्रिया कह रही है.

सूत्रों के मुताबिक़ अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर ओपी माथुर को अन्यत्र भेज कर उनकी जगह साफ़ छवि वाले एसके सैकिया को ये पद दिया गया है.

2007 के विधानसभा चुनावों के दौरान चुनाव आयोग ने पांडे को डीजीपी के पद से हटा दिया था लेकिन चुनाव के बाद उन्हें दोबारा इस पद पर बहाल कर दिया गया था.

माथुर और पांडे दोनो ही इस साल 31 मार्च को सेवा निवृत्त हो रहे हैं.

ख़बर हैं कि राज्य सरकार पूर्वानुमान लगा रही थी कि आगामी लोक सभा चुनावों की तिथियां अगले महीने तक घोषित हो सकती हैं और ऐसे में आचार संहिता लागू होने पर चुनाव आयोग दोबारा पांडे का तबादला कर सकती थी.

पीसी पांडे के कार्यकाल के दौरान 2002 के गुजरात दंगो में अनेक अल्पसंख्यक मारे गए थे.

शब्बीर हुसैन इस समय गुजरात के सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें पांडे की जगह ये पद दिया गया है.

विश्व हिन्दू परिषद् ने शब्बीर को राज्य का डीजीपी बनाए जाने पर नाराज़गी जताई है. वीएचपी नेता प्रवीण तोगड़िया ने कहा है कि 1990 में परिषद ने शब्बीर के ख़िलाफ़ उस समय अभियान छेड़ा था जब वो अहमदाबाद के डीसीपी थे.

तोगड़िया ने कहा, "वो बहुसंख्यकों के ख़िलाफ़ थे और अल्पसंख्यकों के प्रति उनके मन में नर्मी थी."

इस बीच गुजरात सरकार ने केंद्र से पांडे और माथुर के कार्यकाल को अगले छह महीने और बढ़ाने के लिए पत्र लिखा है जिसका अभी जवाब आना बाक़ी है.