गुरुवार, 19 फ़रवरी, 2009 को 14:10 GMT तक के समाचार
श्रीलंका के दौरे पर आए संयुक्त राष्ट्र अधिकारी जॉन होम्स ने वहाँ की सेना और तमिल विद्रोहियों से आग्रह किया है कि वे आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश करें.
श्रीलंका के विदेश मंत्री से मिलने के बाद जॉन होम्स ने कहा कि दोनों पक्षों को ही संघर्ष वाले इलाक़े में फँसे लोगों को वहाँ से निकलने की अनुमति देनी चाहिए.
सरकार का कहना है कि विद्रोही नागरिकों को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन विद्रोहियों का कहना है कि नागरिक उनसे अपनी सुरक्षा का आग्रह कर रहे हैं.
माना जा रहा है कि हज़ारों लोग संघर्ष के कारण उत्तर-पूर्व के इलाक़े में फँसे हुए हैं.
जॉन होम्स के दौरे का एक मुख्य बिंदु उन तीस हज़ार लोगों के बारे में बात करना भी है जो सरकारी शिविरों में हैं.एक अधिकारी ने एएफ़पी को बताया है कि होम्स इन शिविरों का दौरा कर सकते हैं.
नागरिकों को लेकर चिंता
संयुक्त राष्ट्र अधिकारी होम्स ने कहा है, "आम नागरिकों के हताहत होने की ख़बरें से हम चिंतित हैं. मैं सरकार और विद्रोहियों से आग्रह करूँगा कि वो नागरिकों को बचाने के लिए क़दम उठाएँ ताकि अंतरराष्ट्रीय क़ानून का सम्मान हो."
वे 2007 में भी श्रीलंका आए थे और तब उन्होंने बयान दिया था कि राहतकर्मियों के काम करने के लिए श्रीलंका सबसे खतरनाक जगह है. इस पर श्रीलंकाई प्रधानमंत्री ने आपत्ति जताई थी.
संयुक्त राष्ट्र ने पिछले हफ़्ते तमिल विद्रोहियों पर आरोप लगाया था कि वो उन नागरिकों पर गोलीबारी कर रहे हैं जो भागने की कोशिश में थे. सरकार ने भी ये आरोप लगाया है.लेकिन विद्रोह इससे इनकार कर रहे हैं.
बुधवार को भारत ने पेशकश की थी कि नागरिकों को बाहर निकालने में वो श्रीलंका की मदद कर सकता है. श्रीलंका ने पेशकश का इस शर्त
पर स्वागत किया है कि ये काम सरकारी ढाँचे के अंतरगत किया जाना चाहिए.