गुरुवार, 19 फ़रवरी, 2009 को 09:16 GMT तक के समाचार
भारत की लोकसभा में गुरुवार सुबह विभिन्न राजनीतिक दलों ने अलग-अलग मुद्दों पर भारी हंगामा किया है.
लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ख़ासे नाराज़ हुए और एक समय तो उन्होंने इसे सासंदों का 'निंदनीय बर्ताव' कहा है.
जहाँ तमिलनाडु के सांसदों ने श्रीलंका में तमिलों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए सरकार के रुख़ पर नाराज़गी जताई, वहीं तेलुगु देशम के सांसदों ने सत्यम कंपनी का मुद्दा उठाया.
लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने बार-बार सांसदों से शांति बनाए रखने की अपील की लेकिन उन पर कोई असर नहीं हुआ.
एक समय तो चटर्जी इतने नाराज़ हुए कि उन्होंने कहा, "आपका बर्ताव निंदनीय है. मैं इस पर अपनी नाराज़गी और निंदा व्यक्त करता हूँ.....ये भारत की जनता का अपमान है....आपको सरकारी ख़ज़ाने से एक पैसा भी नहीं मिलना चाहिए."
रेल बजट पारित
केवल तमिलनाडु और तेलुगु देशम के सांसद ही नहीं बल्कि बहुजन समाज पार्टी के सांसदों ने भी अनुसूचित जाति- जनजाति (पदों और सेवाओं का आरक्षण) विधेयक 2008 का विरोध करते हुए नारेबाज़ी की थी.
कुछ अन्य दलों के दलित सदस्यों ने भी बीएसपी सांसदों का साथ दिया.
स्पीकर को सदन की कार्यवाही को स्थिगित करना पड़ा और दोपहर में जब कार्यवाही दोबारा शुरु हुई तब भी बीच-बीच में शोर के बावजूद ध्वनि मत से रेल बजट को पारित कर दिया गया.
रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने रेल बजट पारित होने से पहले कुछ नई रेलगाड़ियों और रेल मंत्रालय की योजनाओं की घोषणा की है.
उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में रेलवे की बजट पर निर्भरता 53 प्रतिशत थी जो अब घटकर 29 प्रतिशत रह गई है. उनका कहना था कि रेलवे अपने राजस्व से नई परियोजनाओं में 20 हज़ार करोड़ रुपया लगा रही है.
उनका कहना था कि वर्ष 2004 में 400 रेल दुर्घटनाएँ हुई थीं जबकि पिछले साल से घट कर 195 रह गई हैं.