मंगलवार, 17 फ़रवरी, 2009 को 02:44 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा है कि मुंबई हमलों के सिलसिले में गिरफ़्तार आमिर अजमल कसाब यदि पाकिस्तानी है और उसने जुर्म किया है तो भारत को उसे पाकिस्तान को सौंपना चाहिए.
ग़ौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में मुंबई में हुई हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है.
इन हमलों में 170 से अधिक लोग मारे गए थे और लगभग 300 लोग घायल हुए थे. भारत ने पाकिस्तान में मौजूद तत्वों को हमले के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है.
'स्थानीय लोगों के नाम बताएँ'
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने आमिर अजमल कसाब को इन हमलों के दौरान मुंबई में गिरफ़्तार किया था और दावा किया था कि वे एक पाकिस्तानी नागरिक हैं जिनकी हमलों में सक्रिय भूमिका थी.
बीबीसी उर्दू के लंदन स्थित संवाददाता जाफ़र रिज़वी के साथ विशेष बातचीत में पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा, "भारत को कबास के मामले में अड़ना नही चाहिए. अगर वे पाकिस्तान नागरिक हैं और उन्होंने जुर्म किया है तो उन पर पाकिस्तान में मुकदमा चलना चाहिए. इसलिए भारत को कसाब को पाकिस्तान को सौंपना चाहिए ताकि क़ानून उनके ख़िलाफ़ क़ानून के तहत कार्रवाई हो सके."
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पर क़ुरैशी का कहना था कि पाकिस्तान भारत के साथ लगातार सहयोग की कोशिश कर रहा है.
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान में जो जाँच हुई है, हमनें ईमानदारी से उसकी रिपोर्ट भारत को सौंपी है और बताया है कि इसमें कौन लोग लिप्त पाए गए हैं. उनके ख़िलाफ़ मामले दर्ज हुए हैं और मुकदमा चलाया जाएगा. हमनें ये भी बताया है कि इन लोगों को संबंध किससे है."
क़ुरैशी का कहना था कि पाकिस्तान ने भारत को कुछ सवाल भेजे हैं और जब जवाब आएगा तो जाँच आगे बढ़ेगी. उनका कहना था कि पाकिस्तान ये सूचनाएँ इसलिए माँग रहा है क्योंकि जानकारियों को सबूत की शक्ल में अदालत में पेश किया जाना है ताकि मज़बूती से मुकदमा लड़ा जा सके.
एक सवाल के जवाब में उनका कहना था कि चरमपंथ हर जगह है - अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और भारत में भी.
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, "भारत में भी बहुत सारी घटनाएँ हुई हैं. मुंबई हमलों से भारत के जो स्थानीय लोग और तत्व संबंधित हैं, जिन्होंने हमलावरों की मदद की और उन्हें उकसाया, उनके नाम और पहचान भारत को सार्वजनिक करने चाहिए. भारत में भी कई जगह विद्रोही सक्रिय हैं और भारत को चाहिए कि क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए वह मिलकर काम करे."