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रविवार, 15 फ़रवरी, 2009 को 12:54 GMT तक के समाचार

'अफ़ग़ानिस्तान की अनदेखी नहीं होगी'

अमरीका ने कहा है कि उसकी अफ़ग़ान नीति की समीक्षा में अफ़ग़ानिस्तान को भी शामिल किया जाएगा.

अफ़ग़ानिस्तान मामलों के लिए अमरीका के नए दूत रिचर्ड हॉलब्रुक ने रविवार को काबुल में राष्ट्रपति हामिद करज़ई से मुलाक़ात की.

दोनों नेताओं ने बाद में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया. उन्होंने घोषणा की कि इस क्षेत्र में अमरीकी नीति की समीक्षा में अफ़ग़ानिस्तान को भी शामिल किया जाएगा.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने बताया कि तालेबान के ख़िलाफ़ नई रणनीति पर चर्चा के लिए अफ़ग़ानिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन जाएगा.

करज़ई ने कहा, "मैं राष्ट्रपति बराक ओबामा का बहुत आभारी हूँ कि उन्होंने मेरा वह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है, जिसमें अनुरोध किया गया था कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध की सामरिक समीक्षा में अफ़ग़ानिस्तान को शामिल किया जाए."

आलोचना

बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि ये घोषणा ऐसे समय हुई है जब हाल के दिनों में अमरीका ने ख़ुलेआम अफ़ग़ानिस्तान सरकार की आलोचना की है.

अमरीका ने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान सरकार को देश में भ्रष्टाचार रोकने के लिए और क़दम उठाने चाहिए.

लेकिन हॉलब्रुक और राष्ट्रपति करज़ई ने बातचीत के बाद कहा कि दोनों देश मिलकर काम करेंगे.

राष्ट्रपति करज़ई ने कहा कि सैनिक कार्रवाई के दौरान आम नागरिक निशाना न बनें, इसके लिए नैटो, अमरीका और उनकी सरकार के बीच कुछ क़दम उठाने के लिए सहमति हुई है.

संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों के मुताबिक़ पिछले साल अक्तूबर और इस साल जनवरी के बीच 1800 आम नागरिक मारे गए हैं.

ज़िम्मेदारी

इनमें से क़रीब 1000 लोगों की मौत के लिए तालेबान चरमपंथियों और स्थानीय क़बायली नेताओं को ज़िम्मेदार माना जाता है.

दूसरी ओर रिचर्ड हॉलब्रुक ने कहा कि हर महीने कम से कम एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी अफ़ग़ानिस्तान आएगा, ताकि साझा कोशिशों में और सुधार करने के तरीक़े ढूँढ़े जाएँ.

रिचर्ड हॉलब्रुक ने अफ़ग़ानिस्तान के पहले पाकिस्तान का भी दौरा किया. लेकिन अभी तक उन्होंने कोई बड़ा बयान नहीं दिया है. उनका कहना है कि वे अभी 'सुनने और सीखने' आए हैं.

अफ़ग़ानिस्तान के दौरे पर आने से पहले हॉलब्रुक ने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान का मामला इराक़ से भी कठिन है.