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शनिवार, 14 फ़रवरी, 2009 को 12:37 GMT तक के समाचार

'पाकिस्तान वजूद की लड़ाई लड़ रहा है'

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसि़फ़ अली ज़रादारी ने कहा है कि तालेबान की वजह से देश का अस्तित्व ख़तरे में है.

अमरीकी टीवी चैनल सीबीएस को दिए गए इंटरव्यू में राष्ट्रपति ज़रदारी ने कहा, "हमारे देश के भीतर तालेबान की बहुत बड़ी मौजूदगी है, यह एक सच है."

इससे पहले बराक ओबामा ने कहा था कि पाकिस्तान के कबायली इलाक़ों में तालेबान ने अपना मज़बूत गढ़ बना रखा है.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, बुधवार को अमरीका के राष्ट्रपति ओबामा और ज़रदारी के बीच टेलीफ़ोन पर बात हुई थी, इस बातचीत का मुख्य मुद्दा तालेबान और अल क़ायदा की गतिविधियाँ थीं.

ज़रदारी ने इस बेबाक इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से तालेबान की समस्या को नकारता रहा है, उन्होंने कहा, "हमने अपनी सैनिक क्षमता नहीं बढ़ाई, हमने कमज़ोरी दिखाई, वे इस कमज़ोरी का फ़ायदा उठा रहे हैं."

पाकिस्तान ने तालेबान के ख़िलाफ़ लड़ाई में लगभग सवा लाख सैनिकों को लगा रखा है, इस लड़ाई के बारे में ज़रदारी ने इंटरव्यू में कहा, "हम किसी पर एहसान नहीं कर रहे हैं, हमें पता है कि तालेबान पाकिस्तान पर कब्ज़ा जमाना चाहते हैं. हम पाकिस्तान के अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं, हम किसी और के लिए नहीं लड़ रहे हैं."

उनके ऐसा कहने की वजह ये है कि पाकिस्तान में एक तबका यह आरोप लगाता है कि उनका देश अमरीका की लड़ाई लड़ रहा है.

अपने इंटरव्यू में ज़रदारी ने इन अटकलों को ग़लत बताया कि सेना और ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई का पूर्ण समर्थन उन्हें हासिल नहीं है.

उन्होंने कहा, "अगर ऐसा नहीं होता तो इस्लामाबाद उनके कब्ज़े में होता, ऐसा नहीं है क्योंकि सेना अपना काम कर रही है. वे पहले भी हमले कर चुके हैं, मैरियट होटल पर हमला कर चुके हैं, वे हमारे चारों तरफ़ हैं."

आसिफ़ अली ज़रादरी का यह इंटरव्यू रविवार को सीबीएस पर प्रसारित किया जाएगा.

माना जा रहा है कि अमरीका के नए राष्ट्रपति बराक ओबामा अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तालेबान-अल क़ायदा के ख़िलाफ़ लड़ाई तेज़ करना चाहते हैं, ज़रदारी का बयान उसी से जोड़कर देखा जा रहा है.