शनिवार, 14 फ़रवरी, 2009 को 14:04 GMT तक के समाचार
हफ़ीज़ चाचड़
बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए, कराची से
पाकिस्तान मुंबई हमलों के दौरान पकड़े गए अजमल आमिर क़साब को सौंपने की मांग कर सकता है.
आंतरिक सुरक्षा मामलों के प्रमुख रहमान मलिक का कहना है कि मुंबई हमलों के सिलसिले में पकड़े गए लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की कोशिशों को मज़बूत करने के लिए ऐसा किया जा सकता है.
कराची में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "अगर मामले की जाँच करने वाले अधिकारी इसकी सिफ़ारिश करें और अदालत भी इसके लिए कहे तो हम ऐसा ज़रूर करेंगे."
रहमान मलिक ने कहा कि अजमल आमिर क़साब का नाम एफ़आईआर में शामिल है.
उन्होंने कहा कि अभी इस मामले पर कोई अटकलबाज़ी करना ठीक नहीं, लेकिन जब एक व्यक्ति का नाम एफ़आईआर में आता है, तो मामले में उसकी ज़रूरत होती है.
रहमान मलिक ने कहा कि जब हमारे जाँच अधिकारियों को ऐसा लगेगा कि क़साब की यहाँ ज़रूरत है तो हम भारत से इसकी मांग कर सकते हैं.
जाँच
गुरुवार को पाकिस्तान ने पहली बार ये स्वीकार किया था कि मुंबई हमले की साज़िश का कुछ हिस्सा उसकी ज़मीन पर रचा गया था.
इस मामले में पाकिस्तान ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है और एफ़आईआर दर्ज की गई है.
पिछले साल नवंबर में मुंबई हमलों के दौरान अजमल आमिर क़साब को पकड़ा गया था. मुंबई पुलिस का दावा है कि क़साब मुंबई हमलों में शामिल था.
लंबे समय तक पाकिस्तान ने यह स्वीकार नहीं किया कि क़साब उसका नागरिक है. लेकिन बाद में उसने यह मान लिया.
भारत ने पिछले महीने के शुरू में पाकिस्तान को मुंबई हमलों से जुड़ी जानकारी सौंपी थी और कहा था कि वह दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे.
मुंबई हमलों में कम से कम 173 लोग मारे गए थे. रहमान मलिक ने भारतीय अधिकारियों से मांग की कि वे पाकिस्तान के सवालों का जवाब दें ताकि जाँच आगे बढ़े और पकड़े गए संदिग्धों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाया जा सके.