शनिवार, 14 फ़रवरी, 2009 को 18:22 GMT तक के समाचार
पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में ममता बैनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के साथ गठबंधन करने का फ़ैसला किया है. लेकिन इसके लिए पार्टी ने शर्त भी रखी है.
प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि समझौता सम्मानजनक हो और तृणमूल कांग्रेस को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ अपने रिश्ते तोड़ने होंगे.
कोलकाता में प्रदेश कांग्रेस की समन्वय समिति की एक बैठक में यह फ़ैसला हुआ.
इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता और विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी के अलावा पश्चिम बंगाल की प्रभारी महासचिव मोहसिना किदवई भी मौजूद थी.
बैठक
बैठक में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बैनर्जी के उस बयान पर भी चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी कांग्रेस से गठबंधन के लिए उत्सुक है लेकिन वह अनिश्चितकाल तक कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतज़ार नहीं कर सकती.
समन्वय समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा, "पश्चिम बंगाल के लोग बदलाव चाहते हैं. प्रदेश में तृणमूल कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी है. इसलिए उसके साथ गठबंधन की आवश्यकता है. लेकिन यह गठबंधन सम्मानजनक शर्तों पर होना चाहिए."
प्रदेश कांग्रेस के एक अन्य कार्यकारी अध्यक्ष सुब्रत मुखर्जी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया.
इस प्रस्ताव में कहा गया है कि वाम मोर्चे को हराने के लिए धर्मनिरपेक्ष दलों से गठबंधन की आवश्यकता है. लेकिन इसमें राजग का कोई सहयोगी दल नहीं होगा.
इसका मतलब ये हुआ कि कांग्रेस के साथ गठबंधन के लिए तृणमूल कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी की अगुआई वाले राजग से अलग होना पड़ेगा.