गुरुवार, 12 फ़रवरी, 2009 को 08:48 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान ने स्वीकार किया है कि मुंबई हमले की साज़िश का कुछ हिस्सा पाकिस्तान में ही रचा गया था. इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है.
इस्लामाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में आंतरिक सुरक्षा मामलों पर प्रधानमंत्री के सलाहकार रहमान मलिक ने यह जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और इस आधार पर हमले में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाया जा सकता है.
रहमान मलिक ने कहा, "मुंबई हमलों की साज़िश का कुछ हिस्सा पाकिस्तान में रचा गया था. हमने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है."
पिछले साल 26 नवंबर को हुए मुंबई हमलों में कम से कम 173 लोग मारे गए थे.
गंभीर
पत्रकारों से बातचीत में रहमान मलिक ने भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान मुंबई हमलों के दोषियों को सज़ा दिलाने को लेकर गंभीर है.
उन्होंने यह भी बताया कि भारत की ओर से मिली जानकारी के आधार पर और जाँच चल रही है.
गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में रहमान मलिक ने कहा कि आठ संदिग्धों के ख़िलाफ़ क़ानूनी क़दम शुरू किए गए हैं और उन पर मुक़दमा भी चलाया जा सकता है.
उन्होंने बताया कि छह संदिग्ध इस समय हिरासत में हैं जबकि दो फ़रार हैं. ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन संदिग्धों को कब गिरफ़्तार किया गया है.
रहमान मलिक ने बताया, "हमलावरों ने बोट बलूचिस्तान से ख़रीदा था और कराची से रवाना हुए थे. जबकि मुंबई हमलों की ज़िम्मेदारी लेने वाला ई-मेल लश्कर-ए-तैबा के ज़रार शाह ने भेजा था."
दिसंबर में पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से ज़रार शाह को गिरफ़्तार किया गया था. उस दौरान लश्कर के एक प्रमुख सदस्य ज़की-उर-रहमान लखवी को भी गिरफ़्तार किया गया था.
साज़िश
रहमान मलिक ने ये भी बताया कि कराची का रहने वाला हमाद अमीन हमलों का प्रमुख साज़िशकर्ता है. इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता सैयद शोएब हसन ने बताया है कि पहली बार पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारत सरकार के आरोपों को स्वीकार किया है.
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ ये पहली बार है कि पाकिस्तान की सरकार ने विदेशी ज़मीन पर हुए हमलों के बारे में स्वीकार किया है कि उसकी साज़िश पाकिस्तान में ही रची गई.
उन्होंने कुछ और देशों का नाम लिया और बताया कि हमले की साज़िश रचने वालों ने इन देशों से पैसे भेजे.
उन्होंने बताया कि हमलों में इस्तेमाल हथियार भी अन्य देशों में पंजीकृत थे. रहमान मलिक के मुताबिक़ इंटरनेट पर एक डोमेन नेम हासिल करने के लिए स्पेन से 238 डॉलर भेजे गए और ह्यूस्टन में ये डोमेन रजिस्टर हुआ.
गिरफ़्तारी
उन्होंने बताया कि बार्सिलोना में रहने वाले एक पाकिस्तानी नागरिक को गिरफ़्तार किया गया है, जिसका संबंध इस भुगतान से माना जा रहा है.
एक अन्य डोमेन नेम रूस में रजिस्टर किया गया और इसका भी इस्तेमाल हमलावर कर रहे थे. रहमान मलिक ने बताया कि एक सैटेलाइट फ़ोन मध्य पूर्व के एक देश में पंजीकृत कराया गया था. हालाँकि उन्होंने इस देश का नाम नहीं बताया.
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पैसे इटली में दिए गए, लेकिन फ़िलहाल ये स्पष्ट नहीं हो सका है कि कितने पैसे दिए गए और इनका इस्तेमाल किसमें हुआ.
भारत ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त से मिली जानकारी के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी की बैठक में इस पर विचार होगा.
आरोप
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद ही भारत इस पर कोई प्रतिक्रिया देगा.
पाकिस्तान ने पहले ही यह स्वीकार कर लिया है कि मुंबई हमलों के सिलसिले में पकड़ा गया अजमल आमिर क़साब पाकिस्तान का नागरिक है.
भारत ने मुंबई हमलों के पीछे लश्कर-ए-तैबा का हाथ बताया था और मांग की थी कि संगठन के कुछ नेताओं को उसके हवाले कर दिया जाए.
पिछले महीने पाकिस्तान ने कहा था कि उसने कुछ संगठनों पर कार्रवाई की है और 71 लोगों को गिरफ़्तार भी किया है. इस संगठनों पर मुंबई हमलों में शामिल होने का आरोप है.