मंगलवार, 10 फ़रवरी, 2009 को 11:23 GMT तक के समाचार
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति के मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की खिंचाई करते हुए कहा कि वह केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रही है.
इस मामले की जाँच रिपोर्ट को सीबीआई ने पहले सुप्रीम कोर्ट को सौंपने की अर्जी दी थी लेकिन बाद में सीबीआई ने उस आवेदन को वापस लेने की अर्ज़ी दी जिसमें उसने विधि मंत्रालय की राय ली थी.
बीबीसी संवाददाता इक़बाल अहमद के मुताबिक़ सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर और न्यायमूर्ति सी जोसेफ़ की पीठ ने कहा, "आप केंद्र सरकार और विधि मंत्रालय के इशारे पर काम कर रहे हैं. आप अपनी मर्जी से काम नहीं कर रहे हैं. अब इसका भगवान ही मालिक है."
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के काम करने के तौर-तरीके को लेकर उसे फटकारते हुए कहा, "आपने अंतरिम अर्ज़ी केंद्र सरकार के कहने पर क्यों दायर की थी? आप केंद्र सरकार के पास क्यों गए, हमारे पास क्यों नहीं आए?"
पुनर्विचार याचिका
मुलायम सिंह ने भी इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर कर रखी है, साथ ही इस मामले से जुड़े कुछ तथ्यों को अदालत के सामने पेश करने की याचिका दायर की है.
सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाओं पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रखा है और इसकी इसकी अगली सुनवाई 31 मार्च को होगी.
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी जिसमें उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव पर अपने पद का दुरुपयोग करने और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया था.
इस जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को जाँच के आदेश दिए थे.