रविवार, 08 फ़रवरी, 2009 को 14:52 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के लिए नियुक्त राष्ट्रपति बराक ओबामा के दूत ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में जंग जीतना इराक़ से भी ज़्यादा मुश्किल है.
म्यूनिख में चल रहे एक सुरक्षा सम्मेलन में रिचर्ड हॉलब्रुक ने कहा कि उन्होंने आज तक ऐसी अव्यवस्था नहीं देखी जो उन्हें विरासत में मिली है.
इसी सम्मेलन के दौरान इराक़ में अमरीकी कार्रवाई के कर्ता-धर्ता माने जाने वाले जनरल डेविड पेट्रियस ने अपील की कि अफ़ग़ानिस्तान में भी इराक़ की तरह क़दम उठाए जाएँ.
हालाँकि उन्होंने चेतावनी दी कि अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति में सुधार आने से पहले कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान के लिए रणनीति में बदलाव की भी बात कही.
म्यूनिख में मौजूद बीबीसी संवाददाता रॉब वॉटसन का कहना है कि ये स्पष्ट दिख रहा था कि जनरल पेट्रियस इराक़ से सबक सीखने की बात कह रहे थे.
'मिलकर काम'
सम्मेलन में जनरल पेट्रियस ने कहा कि भविष्य में अमरीकी सैनिकों को आम अफ़ग़ानियों के साथ मिलकर रहना होगा और काम करना होगा.
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों से मेल-मिलाप और अच्छी सरकार को आगे लाने के लिए और कोशिशें की जाएँगी. ओबामा सरकार अभी तक इस बात पर ज़ोर दे रही है कि वो अपनी अफ़ग़ानिस्तान नीति की समीक्षा कर रही है.
लेकिन रिचर्ड हॉलब्रुक ने सम्मेलन में कहा कि अमरीका इसी सिद्धांत पर काम करेगा कि पाकिस्तान और इलाक़े के अन्य देश अफ़ग़ानिस्तान समस्या के हल का हिस्सा होंगे.
उन्होंने कहा, "मेरे विचार से नई समझ, सरकार में बेहतर समन्वय, नैटो सहयोगियों और अन्य देशों के साथ बेहतर समन्वय के साथ-साथ समय की भी आवश्यकता है ताकि सब कुछ ठीक से हो सके."
हॉलब्रुक अफ़ग़ानिस्तान जाने वाले हैं. लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि अफ़ग़ानिस्तान समस्या इराक़ से भी मुश्किल है और समस्या के हल के लिए लंबा और कठिन संघर्ष करना होगा.