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रविवार, 08 फ़रवरी, 2009 को 10:32 GMT तक के समाचार

'सत्ता मिली तो अफ़ज़ल को फाँसी'

एनडीए की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि अगर उनकी सरकार बनी तो सौ दिनों के भीतर संसद हमले के अभियुक्त अफ़ज़ल गुरु को फाँसी देने की सिफ़ारिश राष्ट्रपति से की जाएगी.

आडवाणी ने नागपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में ये घोषणा की.

उन्होंने रविवार को बैठक के आख़िर में कहा, "अब यूपीए सरकार के दिन ख़त्म हो रहे हैं. क्या प्रधानमंत्री देश को बताएंगे कि सुप्रीम कोर्ट से स्पष्ट आदेश मिलने के बावजूद सरकार ने अफ़ज़ल गुरु को फाँसी नहीं देने का फ़ैसला क्यों किया?"

आडवाणी का कहना था, "मौत के सौदागरों और प्रायोजकों को हम चेतावनी दे रहे हैं. हम आतंकवाद के ख़िलाफ़ कुछ भी सहन नहीं करेंगे और इस पर कोई समझौता नहीं करेंगे."

उन्होंने मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी को आंतरिक सुरक्षा के मसले पर घेरते हुए मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों की उच्चस्तरीय न्यायिक जाँच कराने की माँग की.

'राम मंदिर को नहीं भूले'

लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि पार्टी राम मंदिर के निर्माण को कभी नहीं भूली है.

उनका कहना था, "हम कभी भी राम मंदिर के निर्माण को नहीं भूले हैं. हम लोग इस मु्द्दे पर जनता को गुमराह नहीं कर रहे हैं. भाजपा सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा नहीं देती."

उनका कहना था, "भाजपा की जीत दरअसल भारत की जीत होगी और हमारा लक्ष्य भारत की विजय है."

राम मंदर निर्माण का ज़िक्र करते हुए आडवाणी ने कहा है कि पार्टी अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण करेगी.

मंदिर निर्माण

शनिवार को पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर उनकी पार्टी बहुमत में आएगी तो अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करेगी और राम में पार्टी की आस्था को कोई डिगा नहीं सकता है.

आडवाणी ने कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गंधी पर हमला बोला, और कहा कि उनकी जंग धर्मनिरपेक्षता और छद्म धर्मनिरपेक्षता के बीच है.

उनका कहना था," दुख की बात है कि हमारी राजनीति में कई प्रकार की पार्टियाँ है. जिसमें एक परिवार राजवंश के अधीन है."

हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वो इस मामले में कांग्रेस को नहीं जोड़ रहे हैं.

आडवाणी से पहले रविवार को ही दिल्ली में कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया.

आडवाणी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का बचाव करते हुए कहा है कि विपक्ष लगातार मोदी पर निशाना साध रही है, जबकि उनकी पार्टी सांप्रदायिक राजनीति को बढावा नहीं देती.

जानकारों की राय में लोकसभा चुनावों से पहले देश की दो प्रमुख पार्टियों के बीच सियासी जंग की शुरूआत हो गई है. जहां भाजपा 'आतंकवाद' के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साध रही है वहीं कांग्रेस भाजपा पर 'राम मंदिर' मामले पर हमला कर रही है.