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गुरुवार, 05 फ़रवरी, 2009 को 12:40 GMT तक के समाचार

'बच्चों को प्रताड़ित करना शर्मनाक'

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी देश में अब भी बच्चों को प्रताड़ित करने की घटनाओं को शर्मनाक क़रार दिया है और कहा है कि इस संबंध में क़ानूनों को सख्ती से लागू करना चाहिए.

कुछ ही दिनों पहले उत्तर प्रदेश के इटावा में पुलिस अधिकारियों ने एक बच्ची की ज़बर्दस्त पिटाई की थी.

इस संबंध में मीडिया में ख़बरें छपने के बाद अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई भी हुई है.

सोनिया गांधी गुरुवार को राजधानी नई दिल्ली में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देने के लिए आयोजित समारोह को संबोधित कर रही थीं.

क़ानून कड़े

केंद्र सरकार का नेतृत्व कर रहे संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की अध्यक्ष सोनिया ने कहा कि बच्चों की प्रताड़ना के संबंध में देश के क़ानून बहुत कड़े हैं और ज़रूरत उन्हें लागू करने की है.

उन्होंने कहा, "बच्चे दुनिया को भगवान का उपहार हैं. सभी क़ानून उन्हें बचाते हैं इसके बाद भी यह बड़े शर्म की बात है कि भारत में बच्चों को अभी तक प्रताड़ित किया जाता है. इससे हमारा सिर शर्म से झुक जाता है."

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं के ख़िलाफ़ सभी को आवाज उठानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बाल अधिकार सुरक्षा आयोग (एनसीपीसीआर) की यह ज़िम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि बच्चों को बचाने के लिए बने क़ानून ठीक से लागू हों.

सोनिया गांधी ने कहा कि देश की आबादी में करीब 40 करोड़ बच्चे हैं. यह दुनिया में बच्चों की सबसे अधिक संख्या है. बच्चे देश का भविष्य हैं.

उन्होंने कहा, "मैं इस बात से चिंतित हूं कि देश में बहुत बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल जाने की जगह काम करने जाते हैं."

उन्होंने बाल श्रम के उन्मूलन के लिए और प्रयास करने की ज़रूरत पर बल दिया.

इस अवसर पर केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री रेणुका चौधरी ने लोगों से भ्रूण हत्या रोकने की अपील की.