मंगलवार, 03 फ़रवरी, 2009 को 12:30 GMT तक के समाचार
आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों के तहत केंद्रीय चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक की है जिसमें दलों ने चुनावों को कई दौर में कराने का विरोध किया है.
चुनाव आयोग की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब मुख्य चुनाव आयुक्त गोपालस्वामी ने राष्ट्रपति से चुनाव आयुक्त नवीन चावला को बर्खास्त करने की सिफ़ारिश की थी जिसे केंद्र ने ख़ारिज़ कर दिया है.
इस विवाद के बाद पहली बार इस बैठक में गोपालस्वामी और नवीन चावला एक साथ दिखे. इतना ही नहीं इस बैठक से कुछ दिनों पहले तीसरे चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी ने कहा था कि लोकसभा चुनाव आठ अप्रैल से 15 मई के बीच होने चाहिए.
बैठक के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता मुख्तार अब्बास नकवी का कहना था, '' सभी दल इस पर एकमत दिख रहे थे कि चुनाव अप्रैल महीने के अंत में होने चाहिए. ''
सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया बहुत लंबी नहीं खिंचनी चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि यह प्रक्रिया तीन हफ़्तों में पूरी हो जाए तो अच्छा रहेगा.
येचुरी का कहना था कि जिस तरह केरल और तमिलनाडु में चुनाव एक ही दिन में कराए गए वैसा ही होना चाहिए न कि कई चरणों में.
उनकी दलील थी कि कई चरणों में चुनाव होने से संसाधनों और सुरक्षा व्यवस्था में दिक्कतें होती हैं.
सभी दलों ने फिलहाल चल रहे विकास कार्यों को चुनाव के दौरान रोके जाने का भी विरोध किया.
वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल का कहना था कि चुनाव आयोग को मतदान की तारीखें तय करने से पहले केंद्र से अर्धसैनिक बलों की उपलब्धता के बारे में बात करनी चाहिए.
इस बैठक में चुनाव आयोग के सदस्यों के अलावा 32 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे.