रविवार, 01 फ़रवरी, 2009 को 13:50 GMT तक के समाचार
भारत सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि पाकिस्तान मुंबई हमले की जाँच उसी तरीक़े से कर रहा है, जैसे किसी जाँच एजेंसी को करना चाहिए.
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने वरिष्ठ पत्रकार करण थापर को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि भारत ने जो जानकारी पाकिस्तान को सौंपी थी, उस पर पाकिस्तान ने सवाल पूछे हैं. पाकिस्तान के कुछ सवालों का जवाब पहले ही दिया जा चुका है.
हालाँकि एक दिन पहले ही विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा था कि भारत सरकार को पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक रूप से मुंबई हमलों की जाँच के बारे में कोई जवाब नहीं मिला है.
एमके नारायणन ने कहा, "मुझे ये पता है कि भारत की ओर से मुंबई हमले से संबंधित जानकारी सौंपे जाने के बाद पाकिस्तान ने कई सवाल पूछे. जिनके जवाब दिए जा चुके हैं."
जवाब
इंटरव्यू में नारायणन ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान ने बाद में और सवाल पूछे और मैं मानता हूँ कि अभी तक उसका जवाब नहीं दिया गया है.
ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त वाजिद शम्सुल हसन ने हाल ही में कहा था कि मुंबई हमले में पाकिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल नहीं हुआ था. इस पर अपनी टिप्पणी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि वे नहीं जानते शम्सुल हसन क्या बात कर रहे हैं.
एमके नारायणन ने कहा, "इस मामले में मैं इतना ही कह सकता हूँ कि पाकिस्तान में कई चीज़ें जिस तरह हो हो रही है, ये उसी का हिस्सा है."
यह पूछे जाने पर कि क्या वे भारत की जानकारी पर पाकिस्तान के जवाब से संतुष्ट हैं, उन्होंने कहा, "मैं नहीं जानता कि संतुष्टि शब्द का क्या मतलब है. लेकिन इतना तो ज़रूर लग रहा है कि वे इसे गंभीरता से ले रहे हैं या कम से कम उस तरह काम कर रहे हैं, जैसा किसी जाँच एजेंसी से उम्मीद की जाती है. हमारे विचार से ये अच्छी चीज़ है. लेकिन क्या वे सच्चाई को स्वीकार करेंगे, मैं नहीं जानता."
पिछले साल 26 नवंबर को मुंबई में हुए हमलों के क़रीब डेढ़ महीने बाद भारत ने पाकिस्तान को हमले के सिलसिले में कुछ जानकारी सौंपी थी. भारत का दावा है कि ये अहम सबूत हैं. हालाँकि पाकिस्तान इसे सिर्फ़ जानकारी कहता है.