शुक्रवार, 30 जनवरी, 2009 को 09:13 GMT तक के समाचार
श्रीलंका में सेना और एलटीटीई के बीच चल रहे संघर्ष और उससे श्रीलंकाई तमिलों के लिए पैदा हुई समस्या का विरोध करने के लिए तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में प्रदर्शन हुए हैं.
ये प्रदर्शनकारी और कई एलटीटीई समर्थक श्रीलंकाई तमिलों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार की ओर से उठाए कदमों से संतुष्ट नहीं हैं.
उधर श्रीलंका में संघर्ष के कारण रेड क्रॉस के अनुसार लाखों लोग युद्ध क्षेत्र में फँसे हुए हैं और उसके अनुसार उन्हें वहाँ से निकालना सबसे ज़रूरी है.
श्रीलंकाई दफ़्तर बने निशाना
शुक्रवार को चेन्नई में जब अनेक प्रदर्शनकारी श्रीलंका के उप उच्चायुक्त के दफ़्तर की ओर बढ़े तो पुलिस हरकत में आई और 38 प्रदर्शनकारियों के गिरफ़्तार कर लिया गया.
अधिकतर प्रदर्शनकारी छात्र थे. वे केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ और श्रीलंका की सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे और पुतले भी जला रहे थे.
इसके बाद चेन्नई में श्रीलंकाई सरकार के दफ़्तरों और इमारतों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
इससे पहले गुरुवार को एक तमिल व्यक्ति ने केंद्रीय सरकार के कुछ दफ़्तरों के बाहर आत्मदाह कर लिया था जिसके बाद बैंक ऑफ़ सिलोन की एक शाखा पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने धावा बोल दिया था.
इस हमले के बाद कुछ पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है.
समाचार एजेंसियों के अनुसार एक श्रीलंकाई तमिल युवक को चेन्नई हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया है. समाचार एंजेसियों का कहना है कि इस व्यक्ति के बारे में ख़ुफ़िया एजेंसियों ने कुछ जानकारी दी थी.