शुक्रवार, 30 जनवरी, 2009 को 13:28 GMT तक के समाचार
विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि मुंबई हमलों के बारे में भारत मीडिया के ज़रिए बातचीत नहीं करना चाहता.
उनका कहना है कि भारत ने मुंबई हमलों के सबूतों के रुप में जो दस्तावेज़ पाकिस्तान को सौंपे हैं उनके बारे में अभी तक वहाँ से कोई अधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.
उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “हमें भी वहीं जानकारी मिली है जो मीडिया के पास है.”
उन्होंने कहा, “हमें इस बारे में मीडिया के ज़रिए बात नहीं करना चाहिए.”
प्रणब मुखर्जी ने पाकिस्तान के रवैये पर नाराज़गी ऐसे समय में व्यक्त की है जब ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त वाजिद शम्सुल हसन ने एक टीवी चैनल से हुई बातचीत में कहा है कि मुंबई हमलों के लिए पाकिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल नहीं किया गया है.
हालांकि उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान जल्दी ही दस्तावेज़ के जवाब भेज देगा.
उल्लेखनीय है कि भारत ने अपने दस्तावेज़ में कहा है कि मुंबई हमलों का षडयंत्र पाकिस्तान में रचा गया है.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने तो यह आशंका भी जताई थी कि इन हमलों के पीछे पाकिस्तान की एजेंसियाँ भी शामिल हो सकती हैं.
यह पहली बार नहीं है जब भारत ने इस मामले में मीडिया के ज़रिए बातचीत पर आपत्ति जताई है.
इससे पहले भी भारत कह चुका है कि वह मुंबई हमलों के बारे में पाकिस्तान सरकार से मीडिया के ज़रिए बात नहीं करना चाहता.