गुरुवार, 29 जनवरी, 2009 को 06:40 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव 20 अगस्त को करवाने की घोषणा की है.
देश के संविधान के तहत मतदान मई में होना था लेकिन सुरक्षा की स्थिति ख़राब होने की वजह से चुनाव आगे बढ़ा दिए गए हैं.
अफ़ग़ानिस्तान में दूसरी बार लोकतांत्रिक ढंग से राष्ट्रपति पद के चुनाव होने हैं.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि चुनाव को टाले जाने से किसी को आश्चर्य नहीं हुआ है क्योंकि देश में सुरक्षा की स्थिति ख़राब है.
अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी और पूर्वी भाग असुरक्षित हैं और वहाँ निकट भविष्य में स्वतंत्र चुनाव करवाना संभव दिखाई नहीं दे रहा है.
यहाँ तक कि कुछ ज़िलों में मतदाता सूची बनाने का काम भी टालना पड़ा है.
उम्मीद की जा रही है कि अमरीकी सैनिकों की संख्या कुछ हज़ार बढ़ाकर वहाँ राष्ट्रपति चुनाव के अनुकूल माहौल बनाने की कोशिश की जाएगी.
लेकिन अफ़ग़ानिस्तान के कुछ प्रमुख राजनीतिक नेताओं का कहना है कि इतने कम समय में चुनाव के लायक सुरक्षा की स्थिति बनाना संभव नहीं होगा.
कुछ लोगों का सुझाव है कि चुनाव करवाने की जगह लोया जिरगा यानी क़बायली नेताओं की बैठक बुलाकर नए नेता का चुनाव कर लेना चाहिए लेकिन इसकी संभावना नज़र नहीं आती.
हालांकि राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने फिर से चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं लेकिन इस बीच उनकी लोकप्रियता में काफ़ी कमी आई है.
पिछले कुछ हफ़्तों में उनके और अमरीका के नए प्रशासन के बीच तनाव की जो स्थिति बनी है उसमें करज़ई अलग-थलग पड़े नज़र आ रहे हैं.