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रविवार, 25 जनवरी, 2009 को 11:40 GMT तक के समाचार

श्रीलंका सेना 'विद्रोहियों के गढ़' में पहुँची

श्रीलंका सेना का दावा है कि वह तमिल विद्रोहियों के गढ़ माने जानेवाले मुलईतिवु में प्रवेश कर गई है.

सेना के प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि शहर को कब्ज़े में ले लिया गया है और कई बाहरी इलाक़ों में भारी संघर्ष जारी है.

हालांकि तमिल विद्रोहियों की ओर से इस बारे में कोई बयान नहीं आया है.

एक सरकारी प्रवक्ता का कहना था कि सेना की 59वीं बटालियन मुलईतिवु में घुस गई है और कुछ ही समय में वह पूरे इलाक़े पर कब्ज़ा कर लेगी.

सेना का कहना था कि शनिवार को विद्रोहियों ने सेना को आगे बढ़ने से रोकने के लिए उन्होंने अपने सुरक्षित सैनिकों को झोंक दिया था.

हालांकि इस दावे की स्वतंत्र सूत्रों से पुष्टि नहीं हो सकी क्योंकि संघर्ष के क्षेत्र में किसी भी पत्रकार को जाने की अनुमति नहीं है.

कोलंबो से बीबीसी संवाददाता अंबरासन इतिराजन का कहना है कि तमिल विद्रोहियों के हाथ से यदि आख़िरी मुख्य शहर भी निकल जाता है तो उनकी सैन्य गतिविधियों को भारी धक्का पहुँचेगा.

इसके पहले सरकार ने विद्रोहियों की तथाकथित राजधानी माने जानेवाले किलिनोची शहर पर भी कब्ज़ा कर लिया था.

कुछ अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ हफ़्तों में श्रीलंकाई सेना उत्तरी इलाक़े को विद्रोहियों से मुक्त करा लेगी.

सैन्य अभियान

ग़ौरतलब है कि उत्तरी श्रीलंका में सेना ने तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ अभियान चला रखा है और तमिल विद्रोहियों के कई इलाक़ों को अपने कब्ज़े में ले लिया है.

वर्ष 2000 के बाद श्रीलंका सरकार का पहली बार पूरे जाफ़ना प्रायद्वीप पर नियंत्रण कायम हो गया है जो तमिल विद्रोहियों के लिए बड़ा धक्का माना जा रहा है.

दशकों से अलग तमिल देश के लिए लड़ रही एलटीटीई ने देश के उत्तर और पूर्व में नियंत्रण कर रखा था जहाँ उसके निर्देश का पालन होता था.

लेकिन ताज़ा लड़ाई के बाद विद्रोहियों का कब्ज़ा अधिकतर जगहों से हट गया है.

श्रीलंका की सरकार ने घोषणा की है कि जब तक तमिल विद्रोही आत्मसमर्पण नहीं करते तब तक संघर्ष जारी रहेगा.

उल्लेखनीय है कि लगभग ढाई दशक से चल रहे इस विद्रोह में दोनों पक्षों के कम से कम 70 हज़ार लोग मारे गए हैं.