गुरुवार, 22 जनवरी, 2009 को 12:08 GMT तक के समाचार
उमर फ़ारूक़
बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
आंध्र प्रदेश में हैदराबाद की एक अदालत ने सत्यम कंप्यूटर्स के पूर्व चेयरमैन बी रामालिंगा राजू की पुलिस हिरासत की अवधि एक दिन और बढ़ा दी है.
अदालत में सुनवाई के दौरान सीआईडी के वकील ने बताया कि रामालिंगा राजू ने कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ा-चढ़ा कर बताई थी और इनके नाम पर हर महीने क़रीब 20 करोड़ रुपए का फ़ायदा भी लिया.
सरकारी वकील ने दावा किया कि राजू ने सीआईडी अधिकारियों को बताया कि कंपनी में 40 हज़ार कर्मचारी थे और इनकी संख्या बढ़ाकर 52 हज़ार दिखाई गई.
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर दिखाने से राजू ने हर महीने 20 करोड़ रुपए का फ़ायदा कंपनी से उठाया.
इसके बाद अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रामकृष्णा ने राजू के साथ-साथ कंपनी के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी वी श्रीनिवास की भी हिरासत अवधि एक दिन बढ़ाई है.
लेकिन रामालिंगा राजू ने छोटे भाई और कंपनी के पूर्व प्रबंध निदेशक सत्यम रामा राजू को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. और अब उन्हें हैदराबाद की चंचलगुड़ा सेंट्रल जेल में रखा गया है.
मांग
हैदराबाद पुलिस की अपराध जाँच शाखा (सीआईडी) ने इन लोगों की पुलिस हिरासत की अवधि तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी.
सीआईडी का कहना था कि उसे राजू और वी श्रीनिवास से कंपनी के वित्तीय घोटाले और काल्पनिक नामों पर पैसे ट्रांसफ़र करने के बारे में और पूछताछ करनी है.
अदालत के आदेश के मुताबिक़ राजू और श्रीनिवास से शुक्रवार दोपहर तक पूछताछ होगी और इसके बाद उन्हें फिर अदालत में पेश किया जाएगा. राजू के वकील की ओर से ज़मानत याचिका पर भी शुक्रवार को सुनवाई होगी.
इस बीच इसी मामले में सीआईडी अधिकारियों ने रामालिंगा राजू के भाई सूर्यनारायण राजू के घर पर छापा मारा और एक अन्य इलाक़े में एक घर की तलाशी भी ली.
सीआईडी के महानिरीक्षक वीएसके कौमुदी ने बताया कि एक ख़ास सूचना के आधार पर ये छापे मारे गए थे. ये जानकारी मिली थी कि सत्यम से जुड़े कई दस्तावेज़ यहाँ रखे गए हैं.