बुधवार, 21 जनवरी, 2009 को 13:39 GMT तक के समाचार
भारतीय पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पुत्र और फ़रीदकोट से सांसद सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को अमृतसर में राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है. इस तरह पिता और पुत्र एक ही मंत्रिमंडल में साथ-साथ काम करेंगे.
महत्वपूर्ण है कि पहले पंजाब में सत्ता में भागीदार शिरोमणि अकाली दल की सहयोगी पार्टी भाजपा के राज्य के नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई थी. ऐसा इसलिए क्योंकि कई वर्षों से जब भी अकाली दल और भाजपा की पंजाब में सरकार बनी है तो भाजपा की ओर से उपमुख्यमंत्री पद की माँग होती रही है.
वर्तमान सरकार में तो अकाली दल विधानसभा में बहुमत के लिए भाजपा के समर्थन पर निर्भर है.
पर्यवेक्षकों का मानना है कि लोकसभा चुनावों को देखते हुए, भाजपा को भी उन चुनावों में अकाली दल के सहयोग की ज़रूरत है, इसीलिए भाजपा राज्य इकाई के नेताओं को समझा लिया गया है.
'मानो एकछत्र राज'
अकाली दल के इतिहास में पिता-पुत्र का एक ही मंत्रिमंडल में होना अभूतपूर्व घटना है, पर भारत के अन्य राज्यों में भी ऐसा शायद एक-आध उदाहरण ही होगा.
पंजाब की राजनीति से परिचित लोगों का कहना है कि अकाली दल के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ कि एक ही परिवार का पार्टी और सरकार में मानो एकछत्र राज हो.
इससे पहले अकाली दल में कई प्रभावशाली और आधार वाले नेता रहे हैं और नेतृत्व में काफ़ी हद तक भागीदारी की परंपरा रही है.
राजनाथ, वसुंधरा मौजूद
ग़ौरतलब है कि लगभग एक वर्ष पहले सुखबीर बादल को शिरोमणि अकाली दल का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था.
अमरीका में उच्च शिक्षा पाने वाले 47 वर्षीय सुखबीर ने वहाँ से एमबीए किया था और चरमपंथ के दौर के ख़त्म होने के बाद राजनीति में कूद पड़े थे.
जहाँ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह शपथ ग्रहण के दौरान मौजूद थे, वहीं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और राज्य इकाई के नेता भी उपस्थित थे.