बुधवार, 21 जनवरी, 2009 को 18:29 GMT तक के समाचार
भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के सिलसिले में पाकिस्तान ने कुछ कार्रवाई की है लेकिन वो संतोषजनक नहीं हैं.
'एलआईसी-एनडीटीवी इंडियन ऑफ़ द ईयर अवार्ड्स' समारोह में गृह मंत्री ने कहा, "हमें इंतज़ार करना होगा, देखना होगा कि आगे क्या होता है और हमें तैयार भी रहना चाहिए."
उन्होंने स्पष्ट कहा कि आज के दौर में आतंकवाद का मुक़ाबला अहिंसक तरीकों से नहीं किया जा सकता.
गृह मंत्री ने ये भी कहा कि मौजूदा सरकार के पास 150 दिनों का समय है. उन्होंने कहा कि इस दौरान वो तेज़ी से और संकल्प के साथ काम करेंगे.
चिदंबरम का कहना था, "आतंकवाद को सिर्फ़ दृढ़ता के साथ की गई कार्रवाई के सहारे ही परास्त किया जा सकता है."
उनका कहना था, "उन्होंने (पाकिस्तान) अब तक ऐसा कुछ भी नहीं किया जिसे संतोषजनक कहा जाए लेकिन चार जनवरी को जो कहा गया और जो स्थिति आज है, उसे देखते हुए मैं मानता हूँ कि प्रगति हुई है."
निर्णायक कार्रवाई
ग़ौरतलब है कि चार जनवरी को पाकिस्तान ने कहा था कि भारत ने जो दस्तावेज़ (डॉसियर) उपलब्ध कराए हैं वो महज 'सूचनाएँ' हैं, सबूत नहीं.
उस समय पाकिस्तान ने मुंबई में पकड़े गए एकमात्र जीवित हमलावर मोहम्मद अजमल कसाब के पाकिस्तानी नागरिक होने से इनकार किया था.
लेकिन बाद में उसने माना कि कसाब का संबंध पाकिस्तान से है और भारतीय दस्तावेज़ों से भी कुछ सुराग मिलते हैं.
भारतीय गृह मंत्री का कहना था, "मैं हमेशा पीछे मुड़ कर ये नहीं देख सकता कि मीडिया कल क्या कहेगा. अगर मैं ऐसा करता रहा तो कोई फ़ैसला नहीं ले पाउंगा. लेकिन इन 150 दिनों में मैं तेज़ी से, दृढता से और निर्णायक कार्रवाई करुंगा."