सोमवार, 19 जनवरी, 2009 को 12:22 GMT तक के समाचार
भारत के विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में भारत किसी भी तरह की रियायत नहीं देगा.
सोमवार को दिल्ली में प्रणब मुखर्जी ने कहा कि शीत युद्ध के बाद आतंकवाद दुनिया में शांति के लिए सबसे बड़ा ख़तरा है और दुनिया के देश आतंकवाद से लड़ने में एकजुट हैं.
उनका कहना था कि जो देश आतंकवाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में थोड़ी भी ढिलाई दिखाएँगे उन्हें अंतरराष्ट्रीय समुदाय बड़ी क़ीमत चुकाने को बाध्य करेगा.
उन्होंने कहा, "आतंकवाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और सूचनाओं के परस्पर आदान-प्रदान और उनका विश्लेषण बेहद ज़रूरी है."
आतंकवाद से लड़ने के लिए नए तंत्र की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा कि आतंकवाद पर क़ाबू पाने के लिए दुनिया के सभी देशों के पास परिष्कृत तकनीक का होना ज़रूरी है.
इस्लामाबाद में बैठक
उधर पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में विदेशी राजनयिकों को भारत की ओर से दी गई सूचनाओं के आधार पर मुंबई हमलों की जाँच से अवगत कराया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ सोमवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मोहम्मद क़ुरैशी और अंतरिक सुरक्षा मामलों के प्रमुख रहमान मलिक ने पाकिस्तान में विदेशी राजनयिकों को चरमपंथ के ख़िलाफ़ पाकिस्तान की कार्रवाई से अवगत कराया.
ख़बरों के मुताबिक़ इस बैठक में भारत के राजदूत को नहीं बुलाया गया था क्योंकि कुछ दिन पहले ही उन्हें पाकिस्तान के विदेश सचिव सलमान बशीर ने पाकिस्तान की ओर से उठाए जा रहे क़दमों के बारे में उन्हें अवगत करा दिया था.
भारत सरकार का कहना है कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए हमलों में पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा का हाथ है.
इन हमलों में कई विदेशी नागरिकों समेत 170 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.