शनिवार, 17 जनवरी, 2009 को 06:59 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में जर्मन दूतावास के बाहर एक बड़ा धमाका हुआ है. रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने इसे आत्मघाती हमला बताया है.
ताज़ा जानकारी के मुताबिक़, अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 14 लोग घायल हो गए हैं.
इससे पहले अमरीकी सेना ने कहा था कि उसके दो सैनिकों सहित पाँच लोग मारे गए हैं लेकिन अब एक बयान जारी करके कहा गया है कि किसी अमरीकी सैनिक की मौत नहीं हुई है.
अमरीकी सेना का कहना है कि उसके पाँच सैनिक घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है.
खबरों के मुताबिक तालेबान ने हमले की ज़िम्मेदारी ली है.
बीबीसी संवाददाता मार्टिन पेशेंस के अनुसार एक प्रत्यक्षदर्शी ने उन्हें बताया कि उसने एक हमलावर को धमाका करते देखा था.
ये हमला काबुल के केंद्रीय इलाक़े वज़ीर अकबर ख़ान में हुआ है जहाँ पर कई देशों के दूतावास स्थित हैं. घटनास्थल के पास सड़क के दूसरी ओर अमरीकी सैनिकों का एक अड्डा है.
धमाके के बाद एक टैंकर और कई कारों में आग लग गई. कई घायलों को सुरक्षाकर्मियों के वाहनों में अस्पताल पहुँचाया गया है.
कड़ी सुरक्षा के इलाक़े में धमाका
जहाँ ये धमाका हुआ, उस सड़क पर कंक्रीट के ऊँची दीवारें बनाई गई हैं ताकि दूतावास और अमरीकी सैनिक अड्डे की सुरक्षित रहें.
इससे पहले भी तालेबान लड़ाके काबुल में अफ़ग़ान सरकार की संपत्ति और विदेशी हितों को निशाना बनाकर कार्रवाई करते रहे हैं.
पिछले कुछ महीनों में चरमपंथियों का प्रभाव दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्रों के बढ़कर राजधानी के काफ़ी क़रीब तक पहुँच गया है.
लेकिन सुरक्षा कड़ी की जाने के बाद वर्ष 2007 के मुकाबले में वर्ष 2008 में काबुल के भीतर कम हमले हुए हैं.
अमरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि वे विदेश नीति में अफ़ग़ानिस्तान को प्राथमिकता बनाना चाहते हैं और संभावना जताई जा रही है कि वे अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिकों की संख्या 30 हज़ार से बढ़ाकर 60 हज़ार कर सकते हैं.