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गुरुवार, 15 जनवरी, 2009 को 21:08 GMT तक के समाचार

उदैया को 'अमरीकी ले गए थे'

मुंबई पर चरमपंथी हमलों की गवाह अनिता उदैया ने कहा है कि जिन तीन दिनों तक वो लापता थीं दरअसल उन्हें अमरीकी अपने साथ पूछताछ के लिए अमरीका ले गए थे.

उन्होंने पहले पुलिस से कहा था कि उन तीन दिनों में वो सतारा ज़िले में थीं लेकिन अब उन्होंने कहा है कि दरअसल उन्होंने पुलिस से झूठ कहा था.

समाचार एजेंसी पीटीआई को उन्होंने विस्तार से बताया है कि उन्हें किस तरह अमरीकी हवाई जहाज़ से अमरीका ले गए और उनसे पूछताछ की.

हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया है कि उन्हें अमरीका में कहाँ ले जाया गया था.

पूछताछ

अनिता उदैया पिछले रविवार से लापता थीं और बुधवार को तड़के अपने घर लौट आई थीं.

पुलिस के अनुसार अनिता उदैया ने 26 नवंबर को कफ़ परेड में मछुआरों की बस्ती में अनिता उदैया ने 10 चरमपंथियों को देखा था.

अनिता उदैया को चरमपंथियों की शिनाख्त के लिए उनकी तस्वीर तो दिखाई गई थी लेकिन उन्हें उनके शवों की शिनाख़्त के लिए जेजे अस्पताल नहीं ले जाया गया था क्योंकि वो वहाँ नहीं जाना चाहती थीं.

हालांकि अनिता उदैया मुंबई हमले में गिरफ़्तार चरमपंथी मोहम्मद अजमल आमिर कसाब के मुक़दमे में प्रमुख गवाह नहीं है.

ज्योतिबा फुले नगर झुग्गी के अध्यक्ष मधुसूदन नायर ने भी पीटीआई से इस बात की पुष्टि की है कि उनकी जानकारी में भी यह बात थी कि अनिता उदैया को अमरीकी पूछताछ के लिए ले जाने वाले हैं.

उनका कहना है कि शनिवार को रात भर वे अमरीकी अधिकारियों के आने का इंतज़ार करते रहे लेकिन रविवार की सुबह जब अनिता शौचालय जाने के लिए निकलीं तो अधिकारी उन्हें अपने साथ ले गए.

रवाना होने से पहले उन्हें सेंट जॉर्ज अस्पताल भी ले जाया गया था जहाँ उन्होंने अपने पति राजेंद्र को सूचना दी थी कि वो दो दिन बाद ही घर लौटेंगीं.

अनिता ने विस्तार से बताया है कि किस तरह उन्हें हवाई अड्डे ले जाया गया और फिर 17-18 घंटे की उड़ान के बाद वो अमरीका पहुँचीं.

उनका कहना है कि उन्हें एक भव्य होटल में ठहराया गया था फिर उन्हें पूछताछ के लिए ले जाया गया.

उनका दावा है कि पूछताछ करने वालों में से एक को हिंदी आती थी और वही उनसे सवाल पूछता रहा और उनके जवाब का अनुवाद भी करता रहा.

उनका कहना है, "मुझे एक बड़ी बिल्डिंग में ले जाया गया जहाँ मुझसे आतंकवादियों और मुंबई हमलों के बारे में सवाल पूछे जाते रहे."

अनिता का कहना है कि दो से तीन घंटों तक पूछताछ चलती रही.

उनका दावा है कि उन्होंने अमरीका से कबाड़ी वाले हामिद क़ुरैशी को भी फ़ोन किया था जहाँ अनिता काम करती हैं.

उनका कहना है कि चूंकि अमरीकियों ने उन्हें जानकारी देने से मना किया था इसलिए उन्होंने पुलिस से झूठ कहा कि वो सतारा चली गई थीं.

मुंबई पुलिस ने अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा है.