बुधवार, 14 जनवरी, 2009 को 08:11 GMT तक के समाचार
बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की बहन और लोकसभा सांसद प्रिया दत्त ने कहा है कि वह अपने भाई के समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ने की ख़बर से निराश हैं.
उन्होंने बुधवार को मुंबई में पत्रकारों से कहा, "मेरा पूरा परिवार कांग्रेस से जुड़ा हुआ है. हमें अपनी विरासत का ख़याल रखना चाहिए."
संजय दत्त के फ़ैसले पर प्रिया की नाखुशी के बारे में सपा नेता अमर सिंह ने कहा है कि सुनील दत्त जब ज़िंदा थे तब भी संजय ने उनकी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार किया था.
अमर सिंह के अनुसार अगर सुनील दत्त ज़िंदा होते तो संजय के फ़ैसले पर उनको निराशा नहीं होती. उनका कहना था कि संजय के फ़ैसले पर किसी को सवाल उठाने का अधिकार नहीं है.
प्रिया की नाराज़गी
प्रिया दत्त ने इस बात से इनकार किया कि संजय के फ़ैसले से दत्त परिवार के बीच किसी तरह के मतभेद उभरे हैं. उन्होंने कहा कि उनका परिवार एकजुट है.
प्रिया दत्त ने सफाई दी कि संजय दत्त के चुनाव लड़ने के सिलसिले में उनकी अपने भाई से कोई बातचीत नहीं हो पाई है.
उन्होंने कहा, "परिवार के बीच कोई झगड़ा नहीं है, और हम सब के सामने जब भी कोई समस्या आती है पूरा परिवार एकजुट रहता है."
प्रिया का स्पष्ट शब्दों में कहना था कि जब भी संजय को कोई परेशानी आई परिवार ने उनका साथ दिया.
ग़ौरतलब है कि पिछले दिनों समाजवादी पार्टी (सपा) ने घोषणा की थी कि संजय दत्त उनकी पार्टी के टिकट पर लखनऊ से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे. सपा के इस घोषणा के बाद भाई-बहन के बीच मतभेद की ख़बरें थीं.
विरासत का सवाल
प्रिया दत्त का कहना था, "मैं सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की ख़बर से निराश हूँ, ये उनका अपना फ़ैसला है और वो अपना फ़ैसला लेने के लिए आज़ाद हैं."
उन्होंने ज़ोर देकर कहा है, "माता-पिता के नाम को बाक़ी रखना बहुत अहम है और मैं अपने माता-पिता की विरासत को क़ायम रखने की कोशिश कर रही हूँ. हमारे माता-पिता कांग्रेसी थे और मैं भी कांग्रेसी हूँ."
उन्होंने बताया कि संजय दत्त को कांग्रेस पार्टी ने नहीं छोड़ा है, इसलिए कांग्रेस पर ऐसे इल्ज़ाम लगाना ग़लत है. सपा में जाना उनका अपना फ़ैलसा है.
संजय दत्त ने परिवार की मर्ज़ी के बग़ैर मान्यता के साथ शादी की थी और उसके बाद से ही परिवार में मतभेद चल रहा है. कहा जाता है कि प्रिया मान्यता से शादी के ख़िलाफ़ थीं.