शनिवार, 10 जनवरी, 2009 को 09:26 GMT तक के समाचार
भारत ने कहा है कि मुंबई हमलों पर पाकिस्तान को दिए गए सबूतों का कोई जवाब नहीं मिला है. भारत में अमरीकी राजदूत ने कहा है कि सबूत विश्वसनीय हैं.
भारतीय विदेश राज्य मंत्री आनंद शर्मा ने शनिवार को नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा, "हमने सबूतों के जो दस्तावेज़ (डॉसियर) दिए थे, उनका कोई जवाब नहीं मिला है. जवाब मिलने पर हम कोई प्रतिक्रिया दे पाएंगे."
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने शुक्रवार को कहा था कि मुंबई हमलों के सिलसिले में भारत की ओर से दी गई फ़ाइल का जवाब अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए को दे दिया है.
जब आनंद शर्मा से गिलानी के बयान के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था, "हो सकता है उन्होंने कोई जवाब भेजा है, लेकिन हमें अभी तक कुछ मिला नहीं है."
उन्होंने मुंबई में पकड़े गए एकमात्र जीवित हमलावर मोहम्मद अजमल कसाब को क़ानूनी सहायता के बारे में पूछे जाने पर कहा, "वो पाकिस्तान का नागरिक है और इस तरह का कोई भी अनुरोध अगर पाकिस्तान की ओर से आता है तो हम विचार करेंगे."
'विश्वसनीय हैं सबूत'
इस बीच भारत में अमरीकी राजदूत डेविड मलफ़र्ड ने कहा है कि पाकिस्तान को जो दस्तावेज मुहैया कराए गए हैं वे विश्वसनीय हैं लेकिन इन पर कार्रवाई करने के लिए कुछ समय देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि भारत के दस्तावेज़ में अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़बीआई से मिली अनेक सूचनाएं भी शामिल हैं.
उन्होंने एक निजी भारतीय टेलीविज़न चैनल से बातचीत में कहा,"जो मैंने देखा है वह काफी विश्वसनीय सामग्री है. एफ़बीआई मुंबई में जांच में सहयोग कर रही है. जो दस्तावेज़ तैयार है उसमें सटीक तौर पर बताया गया है कि क्या हुआ था."
दस्तावेज़ों के विश्वसनीय पहलू को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, "जहां तक एफ़बीआई का संबंध है वे अविश्वसनीय सामग्री का इस्तेमाल नहीं करते. यह पूरी तरह पेशेवर संगठन है जो उच्च तकनीकी वाले उपकरणों का उपयोग करता है."