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शुक्रवार, 09 जनवरी, 2009 को 12:07 GMT तक के समाचार

एलिफ़ेंट पास पर सेना का कब्ज़ा: श्रीलंका

श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपकक्षे ने घोषणा की है कि श्रीलंका को जाफ़ना प्रायद्वीप से जोड़ने वाले एलिफ़ेंट पास पर सेना ने कब्ज़ा कर लिया है.

टीवी पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए महिंदा राजपक्षे ने कहा, "नौ साल तक तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के नियंत्रण में रहा 'एलिफ़ेंट पास' अब सरकार के नियंत्रण में है."

उनका कहना था कि ये विद्रोहियों के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है.

विश्लेषकों का कहना है कि यदि सरकार का दावा सही है तो ये तमिल विद्रोहियों के बहुत बड़ा धक्का है क्योंकि इसका मतलब ये हुआ कि वर्ष 2000 के बाद सरकार का पहली बार पूरे जाफ़ना प्रायद्वीप पर नियंत्रण कायम हो गया है.

इससे पहले ख़बर आई थी कि देश के उत्तरी भाग में 'एलिफ़ेंट पास' पर सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच भीषण लड़ाई हो रही है.

पिछले ही हफ़्ते श्रीलंका की सेना ने तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के प्रशासनिक मुख्यालय किलिनोची पर कब्ज़ा किया था फिर उत्तर की ओर बढ़ी थी.

ग़ौरतलब है कि श्रीलंका के सैनिक इस प्रायद्वीप में मुहामलाई से दक्षिण में भी बढ़े जो जाफ़ना में विद्रोहियों का गढ़ है. मंगलवार को सेना ने जाफ़ना पर कब्ज़ा किया था. एलटीटीई की ओर से इस बारे में अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

सेना के अनुसार गुरुवार को मुहामलाई से दक्षिण में आ रही फ़ौज ने विद्रोहियों के पल्लाई अड्डे पर कब्ज़ा किया था और पाँच किलोमीटर दक्षिण में सोरामपट्टु की ओर बढ़ी थी. सोरामपट्टु एलिफेंट दर्रे से लगभग नौ किलोमीटर की दूरी पर है.

दशकों से अलग तमिल देश के लिए लड़ रही एलटीटीई ने देश के उत्तर और पूर्व में नियंत्रण कर रखा था जहाँ उसके आदेश-निर्देश का पालन होता था.

लेकिन ताज़ा लड़ाई के बाद विद्रोहियों का कब्ज़ा अधिकतर जगहों से हट गया है. श्रीलंका की सरकार ने घोषणा की है कि जब तक एलटीटीई आत्मसमर्पण नहीं करती तब तक लड़ाई जारी रहेगी.

लगभग ढाई दशक से चल रहे इस विद्रोह में दोनों पक्षों के कम से कम 70 हज़ार लोग मारे गए हैं.