गुरुवार, 08 जनवरी, 2009 को 20:27 GMT तक के समाचार
बीनू जोशी
बीबीसी संवाददाता, जम्मू
भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के पुंछ में मंधार के घने जंगल में सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के बीच मुठभेड़ आख़िर आठवें दिन ख़त्म हो गई.
मुठभेड़ ख़त्म होने की घोषणा करते हुए सेना के अधिकारियों ने कहा है कि चरमपंथी घने जंगलों और पहाड़ी इलाक़े का फ़ायदा उठाकर बच निकलने में सफल रहे.
चरमपंथियों की ओर से गोलीबारी न होने से के बाद सेना ने उनके निकल भागने का अनुमान लगाया.
आठ दिन चली इस कार्रवाई में सेना की ओर से सात लोगों के मारे जाने की ख़बर दी गई थी.
मारे गए लोगों में तीन सेना के जवान थे और अधिकारियों के अनुसार चार चरमपंथी थे.
हालांकि सेना को इन चरमपंथियों से किसी का भी शव बरामद नहीं हो सका है.
बुधवार को ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ़ गुरदीप सिंह ने संवाददाताओं को बताया था कि चरमपंथियों की तरफ़ से मंगलवार की रात को गोलीबारी हुई थी और बुधवार की सुबह को भी दो बार फ़ायरिंग की गई थी.
पहले माना जा रहा था कि चरमपंथियों ने उस इलाक़े में बंकर बना लिए हैं लेकिन बाद में सेना ने स्पष्ट किया था कि चरमपंथी प्राकृतिक गुफ़ाओं को ही बंकर की तरह इस्तेमाल कर रहे थे.
सेना ने ऐसे तीन ठिकानों को नष्ट किया है.
सेना की उत्तरी कमांड के प्रवक्ता कर्नल डीके कचारी ने जानकारी दी थी कि चरमपंथियों के शवों को बरामद नहीं किया जा सका है पर मोर्चे पर तैनात सैनिकों ने मारे गए चरमपंथियों के शवों को देखा है.
लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि कोई चरमपंथी नहीं मारा गया है और उनके अनुसार जंगल इतना ऊँचा-नीचा और घना है कि कोई कुछ भी देख नहीं सकता.
हाल ही में संपन्न हुए राज्य विधानसभा चुनावों के बाद से सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के बीच संघर्ष की यह पहली बड़ी घटना है.