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बुधवार, 07 जनवरी, 2009 को 21:23 GMT तक के समाचार

अमरीकी विदेश उपमंत्री भारत के दौरे पर

मुंबई हमलों के बाद भारत पाकिस्तान रिश्तों में आई खटास के बीच अमरीकी विदेश उपमंत्री रिचर्ड बाउचर भारत आ रहे हैं जहां वो ताज़ा हालात पर विचार विमर्श करेंगे.

बाउचर पाकिस्तान के रास्ते गुरुवार को भारत पहुंच रहे हैं जहां उनकी मुलाक़ात विदेश सचिव शिवशंकर मेनन से होगी. दोनों अधिकारी मुंबई हमलों में पाकिस्तान की भूमिका और दोषी लोगों को सज़ा दिलाने के बारे में विस्तृत बातचीत करेंगे.

इससे पहले बाउचर ने पाकिस्तानी अधिकारियों से साफ़ कहा था कि मुंबई हमले के तार पाकिस्तानी ज़मीन से जुड़े हुए हैं और पाकिस्तान को ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करनी ही होगी.

बाउचर ने साफ़ कहा था कि मुंबई मामले में अमरीका की सीधी रुचि है क्योंकि इसमें उसके छह नागरिकों की मौत हुई है. अमरीकी एजेंसी एफबीआई इस मामले की अलग से जांच भी कर रही है और एफबीआई के अनुसार भी इसमें पाकिस्तानी चरमपंथियों का हाथ है.

भारत पहले ही कहता रहा है कि मुंबई हमलों में पाकिस्तान के चरमपंथियों और पाकिस्तानी एजेंसियों का हाथ है. भारत ने इस संबंध में पाकिस्तान को सबूत भी दिए हैं लेकिन पाकिस्तान ने इन सबूतों ख़ारिज़ करते हुए कहा था कि ये सूचना हैं सबूत नहीं.

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने मुंबई हमलों में एकमात्र ज़िंदा पकड़े गए अजमल कसाब को अपना नागरिक मान लिया है जबकि बुधवार को दिन में उन्होंने उन सबूतों को ख़ारिज़ कर दिया था जो भारत ने पेश किए थे.

इस घटना के बाद पाकिस्तान ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार महमूद अली दुर्रानी को '' ग़ैर ज़िम्मेदाराना व्यवहार रवैए '' की वजह से हटा दिया है.

दुर्रानी ने कुछ ही दिन पहले कसाब के पाकिस्तानी होने की बात परोक्ष रुप से स्वीकारी थी. हालांकि बुधवार को पाकिस्तानी की सूचना मंत्री ने प्रेस कांफ्रेस के ज़रिए माना कि कसाब पाकिस्तानी नागरिक ही है.

अब पाकिस्तान पर मुंबई हमलों के ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई के लिए दबाव बढ़ता ही जा रहा है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमरीका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और कई अन्य देशों ने उस पर दबाव बना रखा है और आने वाले दिनों में इस दबाव के बढ़ने की पूरी संभावना है.

आने वाले दिनों में अमरीका में नया प्रशासन कार्यभार संभालने वाला है और इससे पहले ही नवनिर्वाचित अमरीकी उपराष्ट्रपति जो बाइडन नौ जनवरी एक बडे प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान आ रहे हैं.