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सोमवार, 05 जनवरी, 2009 को 05:20 GMT तक के समाचार

भारत ने पाकिस्तान को सबूत सौंपे: प्रणव

भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बताया है कि सोमवार की सुबह भारत सरकार की ओर से पाकिस्तान सरकार को मुंबई के चरमपंथी हमलों से संबंधित सबूत सौंप दिए गए हैं.

उन्होंने बताया कि इस सबूतों में पाकिस्तान को बताया गया है कि किस तरह से मुंबई पर 26 नवंबर, 2008 को हमला करनेवाले चरमपंथियों के तार पाकिस्तान के अंदर बैठे लोगों से जुड़े हुए हैं.

विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया गया है कि सबूत सौंपने का काम सोमवार को सुबह किया गया और भारत के विदेश सचिव ने पाकिस्तान के दिल्ली स्थित उच्चायुक्त को ये जानकारी उपलब्ध करा दी है.

उधर भारत के इस्लामाबाद स्थित उच्चायुक्त ने भी वहाँ पाकिस्तान सरकार को ये सबूत पेश कर दिए हैं.

अक्षम्य अपराध

भारतीय विदेशमंत्री ने इन सबूतों को पाकिस्तान को सौंपे जाने की जानकारी देते हुए दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अब पाकिस्तान को अपनी बातों और वादों पर खरे उतरने की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा कि मुंबई में जो चरमपंथी हमले हुए वे अक्षम्य अपराध की श्रेणी में आते हैं.

उन्होंने कहा, "हम अपेक्षा करते हैं कि अब पाकिस्तान साक्ष्यों को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई करेगा. हम यह भी अपेक्षा रखते हैं कि पाकिस्तान सरकार आतंकवाद को अपनी सरज़मीं पर न पनपने देने के अपने द्विपक्षीय, बहुपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय वादे पर खरा उतरेगा."

प्रणव मुखर्जी ने बताया कि उन्होंने केवल पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों के विदेशमंत्रियों को भी इन साक्ष्यों के बारे में जानकारी देते हुए लिखा है.

मंत्रालय अगले 24 घंटों में दिल्ली स्थित अन्य देशों के दूतावासों के प्रमुखों को भी इस बारे में अवगत कराने का काम करेगा और साथ ही अन्य देशों में तैनात भारतीय उच्चायुक्तों को भी ऐसा करने के निर्देश दिए गए हैं.

मुंबई में चरमपंथी हमले

ग़ौरतलब है कि 26 नवंबर को मुंबई में चरमपंथियों ने सात जगहों पर एकसाथ हमले किए थे. इन हमलों के बाद हमलावर तीन जगहों, ताज होटल, नरीमन हाउस और ट्राइडेंट ओबरॉय होटल में घुस गए थे.

यहाँ उन्होंने कई लोगों को मारा और कई को बंधक बना लिया था. 26 नवंबर की देर रात ही पुलिस ने एक चरमपंथी को घायल हालत में पकड़ लिया था. 60 घंटों तक चली मुठभेड़ में बाकी अन्य चरमपंथी मारे गए थे.

चरमपंथियों के हमले में 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे. 173 लोगों की जानें गईं थीं जिसमें 23 विदेशी नागरिक थे.

हमलावरों से मिले साक्ष्य के आधार पर भारत सरकार ने दावा किया था कि हमलावर पाकिस्तान के हैं और साथ ही पाकिस्तान की सरकार से तुरंत कार्रवाई करने की बात भी कही थी. इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच विवाद और तनाव बढ़ा था.

पाकिस्तान अभी तक भारत के तर्कों को बेबुनियाद बताता रहा है और उसका कहना है कि चरमपंथियों का पाकिस्तान स्थित किसी संगठन आदि से कोई वास्ता नहीं है.

भारत की ओर से सबूत पेश किए जाने के एक दिन पहले ही अमरीकी जाँच एजेंसी एफ़बीआई ने भी पाकिस्तान को कुछ सबूत सौंपे हैं.