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सोमवार, 05 जनवरी, 2009 को 10:54 GMT तक के समाचार

पति की क़ुर्बानी पर नाज़ है: कविता

मुंबई हमलों के दौरान चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ में मारे गए एटीएस अधिकारी हेमंत करकरे की पत्नी ने कहा है कि उन्हें अपने पति की क़ुर्बानी पर नाज़ है.

हमलों के बाद पहली बार एक टीवी चैनल से बातचीत में कविता करकरे ने कहा, "मेरे पति ने जो क़ुर्बानी दी उस पर मुझे फ़ख़्र है. लेकिन इसके लिए हमें बहुत बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ी है. ये बहुत तकलीफ़देह है क्योंकि मेरी उम्र 50 से ज़्यादा हो चुकी है और उम्र के इस पड़ाव में मुझे अपने पति की ज़रूरत थी."

कविता करकरे की दोनों बेटियाँ विदेश में रहती हैं और उनका बेटा अभी पढ़ रहा है. उन्होंने एडीटीवी को बताया, "आतंक निरोधी दस्ते में शामिल होने के मेरे पति के फ़ैसले का मुझे अफ़सोस है."

उनका कहना था, "मुझे बेहद अफ़सोस रहेगा, जब मेरे पति ने ये काम चुना था, तभी मुझे पता था कि वो हमेशा आगे रहकर नेतृत्व करेंगे और लड़ेंगे. ये बहुद जोखिम वाला काम है. मैं उनसे कहा करती थी कि संयुक्त राष्ट्र में नौकरी के लिए आवेदन करें."

कविता करकरे ने कहा कि मुंबई हमलों के बाद वे बहुत ग़ुस्से में थीं लेकिन अब वे उससे उबर रहीं हैं. उनके मुताबिक ग़ुस्से और हिंसा से समस्या का हल नहीं निकलेगा. कविता करकरे ने कहा कि सबको मिल कर आगे आना होगा और कुछ सकारात्मक करना होगा.

हेमंत करकरे सात साल तक भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी रॉ में रहे थे और इसी साल जनवरी में उन्हें एटीएस का प्रमुख नियुक्त किया गया था.

26 नवंबर 2008 की रात को चरमपंथियों ने मुंबई में कई स्थानों पर हमला किया था. ताज होटल, नरीमन हाउस और होटल ऑबराय में चरमपंथियों और सुरक्षाबलों के बीच ढाई दिन तक मुठभेड़ हुईं.

चरमपंथी हमले में 170 से अधिक लोग मारे गए और 370 से अधिक घायल हुए. चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ में 14 सुरक्षाबल भी मारे गए थे.