रविवार, 04 जनवरी, 2009 को 05:35 GMT तक के समाचार
बीनू जोशी
बीबीसी संवाददाता, जम्मू
भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के पुंछ में मंधार के घने जंगल में सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के बीच जारी मुठभेड़ को 60 घंटे से भी ज़्यादा वक्त हो चला है.
इस इलाके में भीषण गोलीबारी चल रही है. मुठभेड़ जारी है. अभी तक सात लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें चार चरमपंथी और तीन जवान बताए जा रहे हैं.
सेना की नदर्न कमांड के प्रवक्ता कर्नल डीके कचारी ने बताया कि अभी तक चरमपंथियों के शवों को बरामद नहीं किया जा सका है पर मोर्चे पर तैनात सैनिकों ने मारे गए चरमपंथियों के शवों को देखा है.
शनिवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, नरेश कुमार की भी इस मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई थी.
हाल ही में संपन्न हुए राज्य विधानसभा चुनावों के बाद से सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के बीच संघर्ष की यह पहली बड़ी घटना है.
आशंका व्यक्त की जा रही है कि सीमापार के एक चरमपंथी संगठन, जैशे मोहम्मद और लश्करे तैयबा के कुछ वरिष्ठ कमांडर इन जंगलों में छिपे हो सकते हैं.
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी बताया कि चरमपंथी बड़ी मात्रा में आधुनिक हथियारों से लैस हैं और लगातार फ़ायरिंग कर रहे हैं. चरमपंथी अलग-अलग जगहों से फ़ायरिंग कर रहे हैं जिसका मतलब है कि या तो उन्होंने अपनेआप को गुटों में बाँट लिया है या फिर वे अपनी स्थिति बदलते रहे हैं.
मुठभेड़ पर चिंता
गुरुवार से शुरू हुई मुठभेड़ के बाद से सुरक्षा बलों ने घने जंगलों वाले इस इलाक़े की घेराबंदी कर रही है.
भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेख के पास स्थिति इस इलाक़े में सुरक्षा बलों को आगे बढ़ने में ख़ासी मुश्किल आ रही है.
सेना के हवाले से मिल रही जानकारी में कहा गया है कि अभी यह स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता कि कबतक कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी और कितने चरमपंथी मोर्चे पर हैं.
मुंबई हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच नियंत्रण रेखा के नज़दीक चल रही मुठभेड़ को अत्यंत गंभीर माना जा रहा है.
ग़ौरतलब है कि 12 दिसंबर को जम्मू-कश्मीर की पुलिस ने जम्मू के एक होटल से पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन जैशे मोहम्मद के तीन चरमपंथियों को गिरफ़्तार करने का दावा किया था.
पुलिस का कहना था कि गिरफ़्तार चरमपंथियों की योजना जम्मू में आत्मघाती हमला करने की थी.