शुक्रवार, 02 जनवरी, 2009 को 13:40 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े दक्षिणी वज़ीरिस्तान में अफ़ग़निस्तान सीमा के क़रीब संदिग्ध अमरीकी मिसाइल हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है.
गुरुवार को भी इसी इलाक़े में संदिग्ध अमरीकी मिसाइल हमले में तीन लोग मारे गए थे.
पिछले कुछ महिनों में अमरीका ने इस क़बायली इलाक़े में चरमपंथियों को निशाना साधते हुए दस से अधिक मिसाइल हमले किए हैं, हालाँकि पाकिस्तान कई बार इस पर आधिकारिक रूप से अपना विरोध भी दर्ज करा चुका है.
शुक्रवार को वायु सेना के विमान ने एक सरकारी स्कूल पर दो मिसाइल दाग़े हैं. माना जा रहा है कि मिसाइल हमला अमरीकी मानवरहित विमान से किया गया है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मरने वाले सभी पाकिस्तानी तालेबान के सदस्य थे, तालेबान लड़ाके इस स्कूल को अपने कैंप के रुप में इस्तेमाल कर हैं.
गढ़ पर हमला
वज़ीरिस्तान के लदहा सब डिविज़न से तीन किलोमीटर दूर मैदान नाराई के इलाक़े से एक स्थानीय नागरिक ने बीबीसी उर्दू को बताया कि हमला स्थानीय समय के अनुसार दिन के दस बजे हुआ. लदहा सब डिविज़न को तालेबान का गढ़ माना जाता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि मरने वाले सभी लोग स्थानीय थे और पंजाब प्रांत के रहने वाले थे.
दक्षिणी वज़ीरिस्तान अल क़ायदा और तालेबान चरमपंथियों का गढ़ माना जाता है. पहले भी अमरीकी मानवरहित विमानों ने अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगे पाकिस्तानी क़बायली इलाक़ों पर मिसाइल हमले किए हैं.
हालाँकि पाकिस्तान ने कई बार इसका आधिकारिक तौर पर विरोध किया है और राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी कह चुके हैं कि वे पाकिस्तान की ज़मीन पर इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं करेंगे.
अगस्त 2008 से अमरीका ने इस तरह के कई हमले किए हैं जिनमें 200 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. हालाँकि अमरीका का दावा है कि मरने वालों में ज़्यादातर चरमपंथी थे.