शुक्रवार, 02 जनवरी, 2009 को 11:27 GMT तक के समाचार
श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने घोषणा की है कि सरकारी सैनिकों ने तमिल विद्रोहियों के गढ़ किलीनोची पर नियंत्रण स्थापित किया है. उन्होंने इसे अभूतपूर्व जीत बताया है.
एलटीटीई समर्थक एक वेबसाइट ने यह स्वीकार किया है कि किलीनोची पर सरकारी सेना का नियंत्रण है लेकिन उसका कहना है कि एलटीटीई का मुख्यालय पहले ही वहाँ से पूर्वोत्तर इलाक़े में चला गया था.
किलीनोची पर सरकारी सेना के नियंत्रण की घोषणा के बाद राजधानी कोलंबो में कई जगह लोगों ने सड़क पर निकलकर अपनी ख़ुशी व्यक्त की और पटाखे छोड़े.
लेकिन इस घोषणा के कुछ समय बाद कोलंबो में वायु सेना मुख्यालय के नज़दीक ज़ोरदार धमाका हुआ. धमाके में दो लोग मारे गए हैं और 30 घायल हैं. सैनिक अधिकारियों ने इसे आत्मघाती धमाका कहा है.
श्रीलंका की सेना कई महीनों से किलीनोची पर क़ब्ज़ा करने के लिए सैनिक अभियान चला रही थी.
झटका
कोलंबो से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि किलीनोची पर सरकारी सैनिकों के नियंत्रण से एलटीटीई को बहुत बड़ा झटका लगेगा क्योंकि दशकों तक उन्होंने इस पर अपना नियंत्रण रखा.
किलीनोची को एलटीटीई की राजधानी माना जाता था. इसी शहर में तमिल विद्रोहियों ने अपने प्रशासनिक मुख्यालय का गठन किया था और यहीं से एक अलग राज्य की उनकी मांग तेज़ हुई थी.
श्रीलंका की सेना ने दावा किया था कि गुरुवार को घंटों चली लड़ाई के बाद उन्होंने सामरिक रूप से अहम परांथन पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था.
इसी के बाद माना जा रहा था कि किलीनोची पर भी उनका नियंत्रण हो सकता है.
सेना ने यह भी दावा किया कि एलटीटीई ने जवाबी कार्रवाई की थी लेकिन 50 विद्रोहियों के मारे जाने के बाद वे मैदान से हट गए.
एलटीटीई समर्थक वेबसाइट ने स्वीकार किया था कि परांथन पर सेना का नियंत्रण है लेकिन वेबसाइट पर एक बयान में यह भी कहा गया था कि बड़ी संख्या में सैनिक मारे गए हैं और आम नागरिकों को वहाँ से पलायन करना पड़ा है.