मंगलवार, 30 दिसंबर, 2008 को 16:40 GMT तक के समाचार
भारत के विदेश मंत्री ने कहा है कि भारत ने कभी तनाव बढ़ाने वाला कोई काम नहीं किया है कि उसे तनाव घटाने के लिए क़दम उठाने की ज़रूरत हो.
उन्होंने यह बयान पाकिस्तानी विदेश मंत्री के बयान की प्रतिक्रिया में दिया है, शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि भारत को चाहिए कि वह अपने सैनिकों की 'दोबारा शांति की अवस्था वाली तैनाती करे' ताकि 'सकारात्मक संदेश' मिले.
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि सब कुछ पाकिस्तान पर निर्भर है कि वह आतंकवाद के ख़िलाफ़ करे. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पाकिस्तानी नागरिकों के हमले में शामिल होने के और सबूत भारत देने को तैयार है.
प्रणव मुखर्जी ने कहा, "यह भारत-पाकिस्तान का मामला नहीं है, यह आतंकवाद का मामला है. पाकिस्तान को क़दम उठाने ही होंगे, संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के बाद उसने जमात-उद-दावा पर तो प्रतिबंध लगा दिया है लेकिन उसकी गतिविधियों को भी रोकना होगा. पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत कार्रवाई करनी ही होगी."
पाकिस्तानी बयान
पाकिस्तानी टीवी चैनल पीटीवी पर शाह महमूद कुरैशी ने कहा था, "भारत ने सीमा के निकट जो एयरबेस बनाए हैं अगर उनको हटा ले तो यह बहुत ही सकारात्मक संदेश होगा."
कुरैशी ने ये भी कहा कि भारत को अपने थल सैनिकों को पीछे हटाकर 'शांति वाली अवस्था' के अनुरूप तैनात करना चाहिए. उन्होंने कहा, "इससे अच्छा माहौल तैयार होगा और क्षेत्र में तनाव कम होगा."
पाकिस्तानी विदेशी मंत्री ने कहा कि पिछले 48 घंटों में कई ऐसी चीज़ें हुई हैं जिनकी वजह से शांति क़ायम करने के अवसर पैदा हुए हैं.
उनका इशारा भारतीय विदेश मंत्री के उस बयान की तरफ़ था जिसमें भारत ने कहा था कि पाकिस्तान को किसी तरह का अल्टीमेटम नहीं दिया गया है.
कुरैशी ने कहा, "पड़ोसी आपसी झगड़े अल्टीमेटम से नहीं सुलझा सकते, समस्याएँ शांतिपूर्ण बातचीत के ज़रिए ही सुलझाई जा सकती हैं."
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने दोहराया कि उनका देश मुंबई हमलों की जाँच में हरसंभव मदद के लिए तैयार है बशर्ते भारत जानकारियाँ और सबूत उपलब्ध कराए.