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रविवार, 28 दिसंबर, 2008 को 22:06 GMT तक के समाचार

रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

इंजीनियर हत्याकाँड से राजनीति गरमाई

उत्तर प्रदेश में इंजीनियर हत्याकांड को लेकर राजनीति अचानक गरमा गई है.

मुख्यमंत्री मायावती ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए अपने जन्म दिन 15 जनवरी को विरोधी दल धिक्कार दिवस मनाने की घोषणा की है.

इसके जवाब में समाजवादी पार्टी ने थू थू दिवस का ऐलान किया है.

बहुजन समाज पार्टी ने इंजीनियर हत्याकांड से उपजे बवाल के कारण औरैया जिला कमेटी के अध्यक्ष योगेन्द्र दोहरे को बर्ख़ास्त करते हुए पूरी इकाई को भंग कर दिया है.

पुलिस अधिकारी हत्याकांड के सिलसिले में योगेन्द्र दोहरे की भूमिका संदिग्ध मानते हुए उनकी तलाश में छापे मारे जा रहे हैं.

बसपा के क्षेत्रीय संयोजक गोरे लाल जाटव ने एक विज्ञप्ति में बताया कि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर नई कमेटी घोषित की गई है.

जानकार सूत्रों का कहना है कि इस हत्याकांड को लेकर बसपा के कानपुर क्षेत्र के संयोजक नौशाद अली पर भी पार्टी नेतृत्व नाराज़ है.

बताया जाता है कि नौशाद अली ही शेखर तिवारी को बसपा में ले गए थे, जबकि उन पर पहले से कई गंभीर आरोपों में आपराधिक मुक़दमे चल रहे थे.

नौशाद अली ही बर्ख़ास्त जिलाध्यक्ष योगेन्द्र दोहरे के संरक्षक माने जाते हैं.

बताया गया है कि इंजीनियर हत्याकांड में बदनामी के बाद बसपा नेतृत्व ने पार्टी में सबसे ज्यादा ताकतवर माने जाने वाले संयोजकों की नकेल कसनी शुरू की ही है.

इस बीच पुलिस इंजीनियर की ह्त्या के अभियुक्त बसपा विधायक शेखर तिवारी और उनके तीनों साथियों को जेल से अपनी हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रही है.

पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह ने पूछताछ के लिए पुलिस अधिकारियों की एक टीम लखनऊ से भी भेजी है.

पूरा पुलिस महकमा इस हत्याकांड को लेकर काफ़ी दबाव में है क्योंकि इसमें इलाक़े के थानेदार होशियार सिंह और विधायक की सुरक्षा में तैनात पुलिस गार्ड की मिलीभगत के आरोप लगाए गए हैं.

इसलिए मुख्यमंत्री ने विधायक शेखर तिवारी के साथ दारोगा होशियार सिंह का भी नार्को टेस्ट कराने की बात कही है. लेकिन विपक्ष इस सबसे संतुष्ट नहीं है.

सीबीआई जाँच की माँग

विपक्षी समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने औरैया में एक सभा करके इंजीनियर मनोज कुमार गुप्ता हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री मायावती के ख़िलाफ़ जन आन्दोलन का आह्वान किया.

मुलायम सिंह ने मामले की सीबीआई जांच पर बल दिया.

आरोप हैं कि विधायक और उसके साथी मुख्यमंत्री के जन्म दिवस पर होने वाले सालाना आर्थिक सहयोग के लिए जबरन वसूली के चक्कर में इंजीनियर की पिटाई कर रहा था.

जबकि राज्य सरकार इस आरोप को सरासर ग़लत और राजनीति से प्रेरित बता रही है.

मायावती ने कहा कि विधायक शेखर तिवारी का बहुजन समाज पार्टी में आने से पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है जो पिछली सरकारों के जमाने का है.

मुख्यमंत्री ने पहले इस मामले को विभागीय प्रतिद्वंदिता और कमीशन खोरी का मामला बताया था.

लेकिन हत्याकांड के पीछे एक नई कहानी बताते हुए मायावती ने कहा कि इलाक़े का थानेदार होशियार विपक्षी समाजवादी पार्टी का क़रीबी था.

इसलिए हो सकता है कि विधायक की शराब की कमजोरी का फायदा उठाते हुए किसी राजनीतिक षड्यंत्र के तहत शराब पिलाकर यह काण्ड कराया गया हो.

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सीबीआई जाँच की माँग राजनीति प्रेरित है और उसने पहले भेजे गए कई मामलों की जांच नही ली इसलिए इस मामले को उस नहीं सौंपा जाएगा.

प्रेक्षकों का कहना है कि चूँकि इस मामले को सीधे तौर पर उनके जन्म दिन पर होने वाले धन संग्रह से जोड़ कर देखा जा रहा है, इसलिए मायावती इंजीनियर हत्याकांड की सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं करेंगी.

मगर विरोधी दल दबाव बढ़ा रहे हैं और वे इसके लिए हाईकोर्ट जाने तक का संकेत दे रहे हैं.

कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष रणजीत सिंह जूदेव ने विधायक शेखर तिवारी की विधान सभा सदस्यता ख़त्म करने की मांग की है.

पूर्व लोक निर्माण मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्रा ने लखीमपुर का दौरा करके मृत इंजीनियर के पीड़ित परिवार से मुलाक़ात की.

कलराज मिश्रा ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के जन्म दिन के लिए प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर धन संग्रह किया जा रहा है और इंजीनियर की मौत भी इसी चक्कर में हो गई.

मिश्रा ने आरोप लगया कि मुख्यमंत्री संदेह के घेरे में हैं इसलिए इस मामले की सीबीआई जांच ज़रूरी है. केन्द्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने भी यही मांग की है.